
बता दें कि वादी आकाश कुमार S/O अरविन्द कुमार ग्रा बरहतिर जगदीशपुर थाना जहानागंज जनपद आजमगढ़ द्वारा प्रार्थनापत्र दिया गया था कि विपक्षी प्रद्दुम्न कुमार S/O श्यामलाल राम ग्राम करउत थाना जहानागंज जनपद आजमगढ़ जो अपने आप को दिल्ली पुलिस का सब-इंस्पेक्टर बताया तथा काफी पहुँच वाला बताया। वर्दी पहने अपनी फोटो भी दिखाया जिसके द्वारा पुलिस विभाग में नौकरी दिलाने के नाम पर गाँव के कई लोगो से लगभग 09 लाख रूपये ले लिया गया। अरूण कुमार को पोस्ट आफिस में पोस्ट मैन के पद पर नौकरी करने के लिए कूटरचित फर्जी ज्वाईनिंग लेटर दिया गया। पुनः पैसा लेने के लिए वादी मुकदमा के घर आकर बकाया धनराशि के लिए दबाव बना रहा था। बार-बार धमकी दे रहा था। शक होने पर कि यह कोई उप-निरीक्षक नही है। इसने फर्जी उप-निरीक्षक बनकर फर्जी नियुक्ती पत्र दिया गया है। जिसे वादी मुकदमा व अन्य द्वारा पकड़ कर थाने लाया गया। जिसके सम्बन्ध मे थाना स्थानीय पर मु.अ.स. 392/2024 धारा 419/420/467/468/471/171/506 भादवि पंजीकृत कर अभियुक्त को नियमानुसार मा0 न्यायालय रवाना किया जा रहा है। गिरफ्तार अभियुक्त ने बताया कि साहब पहले मै दिल्ली मे अपने पिता के पास रहकर प्राइवेट नौकरी करता था। आज कल लोगो को नौकरी नही मिल रही है मेरे द्वारा पैसे की लालच में लोगो को नौकरी दिलाने के नाम पर पैसा कमाने के बारे मे सोचा तथा गाँव आकर आकाश कुमार निवासी बरहतीर जगदीशपुर के घर पर आकर अपनी फर्जी पहुंच बताकर पुलिस विभाग मे तथा पोस्ट आफिस विभाग मे नौकरी दिलाने की बात बताया। मैने अपने आप को दिल्ली पुलिस का उप-निरीक्षक बताया था। विश्वास दिलाने के लिये मैने अपने पहने हुए फर्जी उप-निरीक्षक पद के वर्दी की फोटो को दिखाया था। मै किसी दिल्ली पुलिस मे नही नियुक्त हूं। मै यू.पी. मे लोगो को अपने बातो मे फसाने के लिये यू.पी. पुलिस का भी बैच लगा लेता हूँ।आकाश ने मुझे दिल्ली पुलिस का दरोगा समझ कर आकाश ने मुझसे पुलिस मे नौकरी दिलाने के लिये कहा था और आकाश ने अपने दोस्तो सूरज भारती पुत्र दिनेश भारती को पुलिस विभाग मे तथा अरूण कुमार पुत्र सुरेश राम निवासीगण ग्राम बरहतीर जगदीशपुर थाना जहानागंज जनपद आजमगढ़ को पोस्ट आफिस मे नौकरी दिलवाने के लिये बताया मेरे द्वारा तीनो लोगो के द्वारा खाते मे पैसा भेजा गया। आकाश, सूरज व अरूण तीनो से मिलकर लगभग 09 लाख रूपये ले लिये थे तथा अरूण कुमार को पोस्ट आफिस में पोस्ट मैन के पद पर नौकरी करने के लिए अपने लैपटाप से यूटूब के माध्यम से देखकर कूटरचित फर्जी ज्वाईनिंग लेटर दिया था । मेरा लैपटाप मेरे घर के पास है । मेरे द्वारा नियुक्ति पत्र देते समय ज्वाइनिंग टाइम बीत जाने के कारण नया ज्वाईनिग डेट फिर से बनाने के लिये और पैसा मांगा गया था और बाकी पैसे लेने के लिये कल आकाश के घर आया था कि इन लोगो को मेरे ऊपर शक होने पर मुझ पकड़ कर थाने लेकर आये थे । बाद आवश्यक कार्यवाही अभियुक्त को मा0 न्यायालय रवाना किया जा रहा है।