
अतरौलिया। मौसम में बदलाव के साथ वायरल फीवर के बढ़ते मामलों के बीच अमर शहीद राजा जलाल सिंह 100 शैय्या संयुक्त जिला चिकित्सालय के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. दिनेश प्रसाद सिन्हा ने अस्पताल का निरीक्षण किया। उन्होंने विभिन्न वार्डों में पहुंचकर भर्ती मरीजों से बातचीत की और स्वास्थ्य सुविधाओं, दवाओं, भोजन तथा उपचार की जानकारी ली।
सीएमएस ने बताया कि बरसात और गर्मी के बदलते मौसम के कारण वायरल बुखार के मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। अस्पताल की ओपीडी में प्रतिदिन करीब 1000 से 1500 मरीज पहुंच रहे हैं। इनमें लगभग 40 से 50 प्रतिशत मरीज बुखार से पीड़ित हैं।
उन्होंने कहा कि अस्पताल में आवश्यक दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता है और मरीजों को दवाएं निशुल्क उपलब्ध कराई जा रही हैं। गंभीर मरीजों को तत्काल भर्ती कर ड्रिप, इंजेक्शन समेत जरूरी उपचार दिया जा रहा है। वर्तमान में अस्पताल में 84 मरीज भर्ती हैं। इनमें एमसीएच विंग में भर्ती 13 प्रसूताएं और उनके नवजात शिशु भी शामिल हैं। अस्पताल की ओर से सभी मरीजों को निशुल्क भोजन और दवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
डॉ. सिन्हा ने बताया कि जिन मरीजों के प्लेटलेट्स काफी कम हो जाते हैं, उन्हें बेहतर उपचार और तत्काल प्लेटलेट्स की उपलब्धता के लिए जिला अस्पताल या मेडिकल कॉलेज रेफर किया जाता है।
निरीक्षण के दौरान सीएमएस ने स्वास्थ्य कर्मियों को मरीजों के साथ संवेदनशील और मधुर व्यवहार करने के निर्देश दिए। उन्होंने तीमारदारों से भी अस्पताल के स्टाफ का सहयोग करने और धैर्य बनाए रखने की अपील की।
संक्रमण से बचाव के लिए सावधानी जरूरी
सीएमएस ने लोगों से संक्रमण से बचाव के लिए मास्क का इस्तेमाल करने की अपील की। मास्क उपलब्ध नहीं होने पर साफ गमछे से मुंह ढकने तथा खांसते या छींकते समय मुंह और नाक को ढकने की सलाह दी, ताकि संक्रमण की बूंदें दूसरे लोगों तक न पहुंचें।
उन्होंने पानी को अच्छी तरह उबालकर गुनगुना पीने, बासी भोजन और खुले में कटे फलों से परहेज करने तथा बुखार से पीड़ित व्यक्ति से उचित दूरी बनाए रखने की सलाह दी। साथ ही रोग प्रतिरोधक क्षमता बेहतर रखने के लिए तुलसी के पत्तों और अन्य घरेलू काढ़े का सेवन करने की भी सलाह दी।
