
अतरौलिया/आजमगढ़। बस्ती जिले के वाल्टरगंज थानाध्यक्ष एवं उपनिरीक्षक सूर्य प्रकाश सिंह (57) का शव रविवार को उनके पैतृक गांव भीलमपुर छपरा पहुंचते ही परिवार में कोहराम मच गया। शव पहुंचने की खबर मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण और रिश्तेदार घर पर जुट गए। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। पूरे गांव और क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई।
पुलिस के अनुसार, शनिवार को वाल्टरगंज थानाध्यक्ष सूर्य प्रकाश सिंह हमराहियों के साथ पानी की टंकी के पास पहुंचे थे। वहां उन्होंने अपने चालक और हमराहियों को सिविल लाइन चौकी पर रुकने के लिए कहा और स्वयं कचहरी के पास स्थित अपने आवास पर आराम करने चले गए।
शाम तक जब सूर्य प्रकाश सिंह ने फोन नहीं उठाया तो साथी पुलिसकर्मियों को चिंता हुई। कई बार फोन करने के बावजूद संपर्क नहीं होने पर हमराहियों ने इसकी जानकारी सिविल लाइन चौकी प्रभारी को दी। चौकी प्रभारी ने थानाध्यक्ष के आवास पर उनके साथ रह रहे उपनिरीक्षक बलराम से संपर्क किया।
बलराम के अनुसार, वह मुल्जिम ड्यूटी से वापस लौटे तो कमरे का दरवाजा अंदर से बंद था। काफी आवाज देने के बाद भी अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। इसके बाद उन्होंने पैर से दरवाजा तोड़ा। कमरे के अंदर सूर्य प्रकाश सिंह पंखे से फंदे के सहारे लटके मिले। सूचना मिलते ही पुलिस के अधिकारी और कर्मचारी मौके पर पहुंचे और आवश्यक कार्रवाई शुरू की।
1988 में आरक्षी पद से शुरू किया था पुलिस सेवा का सफर
सूर्य प्रकाश सिंह मूल रूप से अतरौलिया थाना क्षेत्र के भीलमपुर छपरा गांव के निवासी थे। उन्होंने 15 फरवरी 1988 को आरक्षी के पद पर पुलिस विभाग में नियुक्ति पाई थी। वर्ष 2008 में वह हेड कांस्टेबल बने। इसके बाद 11 नवंबर 2016 को वरिष्ठता सूची के आधार पर उपनिरीक्षक पद पर पदोन्नत हुए।
लंबे समय तक पुलिस विभाग में सेवाएं देने के बाद वह बस्ती जिले में वाल्टरगंज थानाध्यक्ष के पद पर तैनात थे। उनके निधन की सूचना के बाद पुलिस विभाग में भी शोक का माहौल है।
सात भाइयों में तीसरे नंबर पर थे सूर्य प्रकाश
परिजनों के अनुसार सूर्य प्रकाश सिंह सात भाइयों में तीसरे नंबर पर थे। उनके परिवार में पत्नी के अलावा दो बेटियां और एक बेटा है। बड़ी बेटी और बेटे की शादी हो चुकी है। उनके दो भाई भी पुलिस विभाग में उपनिरीक्षक पद से सेवानिवृत्त हो चुके हैं। उनका परिवार वर्तमान में लखनऊ में रहता है।
शव पहुंचते ही गांव में पसरा मातम
रविवार को करीब तीन बजे सूर्य प्रकाश सिंह का शव उनके पैतृक गांव भीलमपुर छपरा पहुंचा। शव पहुंचने से पहले ही बड़ी संख्या में रिश्तेदार और ग्रामीण उनके घर पर मौजूद थे। जैसे ही शव घर पहुंचा, परिजनों में चीख-पुकार मच गई। परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।
करीब साढ़े तीन बजे शव की अंतिम यात्रा निकाली गई। परिजनों के अनुसार, सूर्य प्रकाश सिंह का अंतिम संस्कार अंबेडकरनगर जिले के कम्हरिया घाट पर किया जाएगा। उनके अंतिम संस्कार में परिजनों, रिश्तेदारों, ग्रामीणों और पुलिस विभाग के लोगों के शामिल होने की बात कही गई है।
पुलिस द्वारा मामले में आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है।
रिपोर्ट: आशीष कुमार निषाद
