
आजमगढ़। थाना कोतवाली पुलिस ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर अलग-अलग नाम और जन्मतिथि से दो पासपोर्ट बनवाने के मामले में वांछित अभियुक्त को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपी ने पहले एक नाम से पासपोर्ट बनवाया और बाद में उसकी जानकारी छिपाकर दूसरे नाम से नया पासपोर्ट तैयार कराया। जांच के दौरान दोनों पासपोर्ट में अलग-अलग नाम और जन्मतिथि दर्ज होने का मामला सामने आया।
गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान मनोज सरोज उर्फ सनोज पासवान पुत्र जीतू उर्फ जीत बहादुर पासवान निवासी उकरौड़ा, थाना कोतवाली, जनपद आजमगढ़ के रूप में हुई है। पुलिस ने उसे बुधवार, 2 सितंबर 2026 को उसके घर से गिरफ्तार किया।
2018 में मनोज सरोज के नाम से बनवाया पासपोर्ट
पुलिस के मुताबिक अभियुक्त ने वर्ष 2018 में मनोज सरोज के नाम से पासपोर्ट बनवाया था। इसके बाद वर्ष 2023 में उसने अपने पूर्व पासपोर्ट की जानकारी छिपाकर सनोज पासवान के नाम से दूसरा पासपोर्ट बनवा लिया। दोनों पासपोर्ट में जन्मतिथि भी अलग-अलग अंकित थी।
मामले की जांच के दौरान पुलिस ने दस्तावेजों का सत्यापन किया तो अलग-अलग नाम और जन्मतिथि के आधार पर दो पासपोर्ट बनवाए जाने की जानकारी सामने आई। इसके बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ कार्रवाई शुरू की।
बैंकॉक जाने की बात भी सामने आई
पूछताछ में अभियुक्त ने पुलिस को बताया कि वर्ष 2018 में मनोज सरोज के नाम से बनवाए गए पासपोर्ट का इस्तेमाल कर वह बैंकॉक गया था। बाद में उसने दूसरे नाम से पासपोर्ट बनवाया। पुलिस अब मामले से जुड़े दस्तावेजों और पासपोर्ट की जानकारी के आधार पर अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है।
इन धाराओं में दर्ज हुआ मुकदमा
मामले में थाना कोतवाली में मु0अ0सं0 369/2026 दर्ज किया गया है। अभियुक्त के खिलाफ धारा 319(2), 318(4), 338, 336(3), 340(2) बीएनएस तथा धारा 12(1)(बी) पासपोर्ट अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। गिरफ्तारी के बाद पुलिस द्वारा आरोपी के खिलाफ नियमानुसार अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है।
घर से दबोचा गया आरोपी
वांछित अभियुक्त की गिरफ्तारी के लिए थाना कोतवाली पुलिस टीम सक्रिय थी। बुधवार को पुलिस टीम ने उसके घर पर दबिश देकर उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार आरोपी से पूछताछ कर मामले से जुड़े तथ्यों और दस्तावेजों की जानकारी जुटाई जा रही है।
गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम में उपनिरीक्षक उदय शंकर तिवारी, कांस्टेबल सचिन कुमार, कांस्टेबल सुमित कुमार तथा कोबरा-6 के कर्मचारी हेड कांस्टेबल अजब नारायण सिंह और कांस्टेबल जितेन्द्र कुमार शामिल रहे।
