गांव में उल्टी और कांपने के बाद युवती की मौत से हड़कंप, सूचना के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम पहुंची, जांच पूरी होने तक किसी निष्कर्ष पर न पहुंचने की अपील

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आजमगढ़। मेंहनगर विकासखंड के ठोटिया गांव में एक युवती की मौत तथा परिवार के अन्य सदस्यों के बीमार होने की सूचना के बाद स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह सतर्क हो गया है। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. एन.आर. वर्मा के निर्देश पर एडिशनल सीएमओ डॉ. अब्दुल अजीज़ के नेतृत्व में विशेषज्ञ टीम ने गांव पहुंचकर मौके का निरीक्षण किया और प्रभावित परिवार के साथ आसपास के लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया।
जांच में पता चला कि गांव निवासी हीरालाल की 22 वर्षीय अविवाहित पुत्री अंतिमा को अचानक उल्टी और शरीर में कंपन/झटके आने की शिकायत हुई थी। प्राथमिक उपचार के लिए उसे लालगंज स्थित सौ शैय्या संयुक्त चिकित्सालय ले जाया गया। इसके बाद परिजन बिना चिकित्सालय को सूचित किए उसे लालगंज स्थित निजी अस्पताल मैक्सवेल नर्सिंग होम ले गए, जहां से वाराणसी रेफर किए जाने के दौरान रास्ते में उसकी मृत्यु हो गई।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, मृतका की माता मंती देवी तथा परिवार की दो बहुएं ममता (30 वर्ष) और प्रीति (27 वर्ष) को भी उल्टी-दस्त की शिकायत पर जौनपुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उपचार के बाद तीनों की स्थिति सामान्य है और वे घर लौट चुकी हैं।
मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. एन.आर. वर्मा ने बताया कि प्रारंभिक सूचना में फूड पॉइजनिंग की आशंका जताई गई थी, लेकिन अब तक की जांच में इसकी पुष्टि नहीं हुई है। परिवार से पूछताछ में किसी दावत, मांसाहार या अन्य असामान्य भोजन का इतिहास भी सामने नहीं आया है। परिवार द्वारा सामान्य दाल, चावल और रोटी खाने की जानकारी मिली है। साथ ही घर में उपयोग किए जा रहे शैलो हैंडपंप के पानी सहित अन्य संभावित कारणों की भी वैज्ञानिक जांच कराई जा रही है।
स्वास्थ्य विभाग ने गांव में मेडिकल टीम तैनात कर दी है। प्रभावित परिवार और आसपास के लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया है तथा एहतियात के तौर पर क्लोरीन की गोलियां, ओआरएस पैकेट और आवश्यक दवाइयों का वितरण कराया गया है। पेयजल स्रोतों, स्वच्छता व्यवस्था और संभावित संक्रमण के स्रोतों की भी जांच की जा रही है।
सीएमओ डॉ. एन.आर. वर्मा ने लोगों से अपील की है कि जांच रिपोर्ट आने से पहले किसी भी बीमारी या मृत्यु के कारण को लेकर अफवाहों पर विश्वास न करें। उन्होंने कहा कि बीमारी के वास्तविक कारणों की पुष्टि केवल वैज्ञानिक जांच रिपोर्ट के आधार पर ही की जाएगी। साथ ही लोगों से उल्टी-दस्त, तेज बुखार या अन्य गंभीर लक्षण होने पर तत्काल निकटतम सरकारी स्वास्थ्य केंद्र पर संपर्क करने की अपील की गई है।

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