
आजमगढ़। सगड़ी तहसील क्षेत्र के उत्तरी छोर से होकर बहने वाली घाघरा नदी के जलस्तर में एक बार फिर तेजी से वृद्धि होने लगी है। गुरुवार को डिघिया गेज पर नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 31 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया। इससे देवारा क्षेत्र में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है और ग्रामीणों की दुश्वारियां एक बार फिर बढ़ने लगी हैं।
डिघिया गेज पर घाघरा नदी का खतरा बिंदु 70.40 मीटर निर्धारित है, जबकि गुरुवार को जलस्तर बढ़कर 70.71 मीटर दर्ज किया गया। वहीं, बदरहुआ गेज पर नदी का जलस्तर 71.40 मीटर रहा, जो यहां निर्धारित खतरा बिंदु 71.68 मीटर से 28 सेंटीमीटर नीचे है।
एक दर्जन संपर्क मार्ग पानी में डूबे
जलस्तर में लगातार वृद्धि के कारण क्षेत्र के करीब एक दर्जन संपर्क मार्ग जलमग्न हो गए हैं। इससे ग्रामीणों का आवागमन प्रभावित होने लगा है। करीब एक सप्ताह पहले घाघरा के जलस्तर में तेजी से कमी आई थी, जिसके बाद संपर्क मार्गों से बाढ़ का पानी हटने लगा था और आवागमन सामान्य होने की स्थिति में पहुंच गया था।
लेकिन पिछले चार दिनों से नदी का जलस्तर दोबारा बढ़ने के कारण स्थिति बदल गई है। संपर्क मार्गों पर पानी भर जाने से ग्रामीणों को आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
28 मजरों के खेतों तक पहुंचा बाढ़ का पानी
घाघरा के बढ़ते जलस्तर का असर हरैया ब्लॉक क्षेत्र के गांवों पर भी दिखाई देने लगा है। बरामदपुर, चक्की, हाजीपुर और देवारा खास राजा के 28 मजरों के खेतों में बाढ़ का पानी फैलने के बाद अब यह गांवों के आसपास तक पहुंचने लगा है।
ग्रामीणों के मुताबिक गुरुवार दोपहर करीब एक बजे तक नदी का पानी लगातार बढ़ रहा था। ग्रामीणों ने आशंका जताई कि यदि जलस्तर इसी गति से बढ़ता रहा तो जल्द ही पूरा देवारा क्षेत्र बाढ़ की चपेट में आ सकता है।
घाघरा के बढ़ते जलस्तर ने देवारा क्षेत्र के लोगों की चिंताएं बढ़ा दी हैं। संपर्क मार्गों के डूबने से जहां आवागमन प्रभावित हुआ है, वहीं खेतों में पानी भरने से किसानों के सामने भी परेशानी खड़ी हो गई है। ग्रामीण नदी के जलस्तर पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
