जर्जर तीन मंजिला मकान की छत भरभराकर गिरी, दो महिलाएं मलबे में दबीं, बाजबहादुर मोहल्ले में बड़ा हादसा टला, एक महिला गंभीर घायल; कमजोर दीवारों से अब भी खतरा, प्रशासन से ध्वस्तीकरण की मांग

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आजमगढ़। शहर कोतवाली थाना क्षेत्र के बाजबहादुर मोहल्ले में गुरुवार सुबह उस समय बड़ा हादसा होते-होते टल गया, जब कादरी प्रेस मस्जिद के पास स्थित कलेक्ट्रेट के पूर्व पेशकार स्वर्गीय मो. अय्यूब के जर्जर तीन मंजिला मकान की छत अचानक भरभराकर गिर गई। हादसे के दौरान मकान में मौजूद दो महिलाएं मलबे में दब गईं। स्थानीय लोगों ने तत्परता दिखाते हुए दोनों को बाहर निकाला। हादसे में एक महिला को गंभीर चोटें आई हैं।
जानकारी के मुताबिक हादसा सुबह करीब 7 बजे हुआ। स्वर्गीय मो. अय्यूब के मकान में उनकी 75 वर्षीय पत्नी अनवरी बेगम, 40 वर्षीय बेटा सलीम, 55 वर्षीय बहन सलमा बानो और 15 वर्षीय भांजा मोहम्मद यूसुफ रहते हैं। घटना के समय सलीम काम के सिलसिले में बाहर जा चुके थे, जबकि यूसुफ स्कूल गया हुआ था।
बताया जा रहा है कि लगातार हो रही बारिश के बीच मकान की ऊपरी मंजिल की छत अचानक ढह गई। इसके बाद दूसरे और तीसरे मंजिल की छत का हिस्सा भी भरभराकर नीचे आ गिरा। इसकी चपेट में आकर अनवरी बेगम और सलमा बानो मलबे में दब गईं।
छत गिरने की तेज आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए। स्थानीय निवासियों ने बिना समय गंवाए राहत और बचाव कार्य शुरू किया। कड़ी मशक्कत के बाद दोनों महिलाओं को मलबे से बाहर निकाला गया। हादसे में सलमा बानो को गंभीर चोटें आईं, जिन्हें तत्काल एंबुलेंस की मदद से जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार चल रहा है।
कमजोर दीवारों से अब भी बना खतरा
मकान की छत गिरने के बाद भी उसकी जर्जर और बेहद कमजोर दीवारें खड़ी हैं। स्थानीय लोगों के मुताबिक ये दीवारें किसी भी समय भरभराकर मुख्य सड़क पर गिर सकती हैं। इससे राहगीरों और वाहन चालकों के लिए गंभीर खतरा बना हुआ है।
प्रशासन की ओर से फिलहाल एहतियात के तौर पर मकान के बाहर रस्सी बांधकर बैरिकेडिंग की गई है। हालांकि, व्यस्त सड़क होने के कारण राहगीरों और वाहनों की आवाजाही लगातार जारी है। लोगों का कहना है कि बारिश, तेज हवा या मामूली कंपन से भी कमजोर दीवारें गिर सकती हैं और बड़ा हादसा हो सकता है।
क्षेत्रवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि जर्जर मकान की कमजोर दीवारों को तत्काल सुरक्षित तरीके से ध्वस्त कराया जाए, ताकि किसी संभावित जनहानि को रोका जा सके। स्थानीय लोगों का कहना है कि महज रस्सी से बैरिकेडिंग करना पर्याप्त नहीं है और खतरे को देखते हुए जल्द ठोस कदम उठाए जाने की जरूरत है।

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