
आजमगढ़। वाहन खरीदने के नाम पर 2.98 लाख रुपये लेने के बाद वाहन उपलब्ध न कराने और रकम वापस मांगने पर धमकी देने के आरोप में मुबारकपुर थाने में 10 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। न्यायालय के आदेश पर दर्ज मुकदमे में पुलिस ने विवेचना शुरू कर दी है।
नगर के पुरानी बस्ती निवासी अनुज कुमार सोनकर ने न्यायालय में प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया कि आरोपी चार पहिया वाहनों की खरीद-फरोख्त का काम करते हैं। आरोप है कि वाहन दिलाने का भरोसा देकर उनसे अलग-अलग बैंक खातों में रकम मंगाई गई।
एफआईआर के अनुसार, आरोपी अंकित ने यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, मुबारकपुर शाखा के खाते से अपने मोबाइल नंबर से जुड़े खाते में 1,16,600 रुपये लिए। वहीं, आरोपी सविता देवी के खाते में 96,500 रुपये भेजे गए। शेष रकम अन्य आरोपियों के खातों में भेजी गई। शिकायतकर्ता के मुताबिक, इस तरह कुल 2.98 लाख रुपये लिए गए।
एक माह में घर पहुंचाने का दिया था भरोसा
शिकायतकर्ता का आरोप है कि रकम लेते समय आरोपियों ने वाहन के कागजात दिखाकर भरोसा दिलाया था कि संबंधित वाहन एक माह के भीतर उसके घर पहुंचा दिया जाएगा। निर्धारित समय बीतने के बाद भी वाहन नहीं दिया गया। जब उसने अपनी रकम वापस मांगी तो आरोपी टालमटोल करने लगे।
आरोप है कि रुपये वापस मांगने पर आरोपियों ने रकम लौटाने से इनकार कर दिया और अधिक दबाव बनाने पर उसे फर्जी मुकदमे में फंसाकर जिंदगी बर्बाद करने की धमकी दी।
थाने और एसएसपी से शिकायत के बाद कोर्ट पहुंचा मामला
अनुज कुमार के अनुसार, उसने सबसे पहले मुबारकपुर थाने में मामले की शिकायत की, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से भी शिकायत की गई। वहां से भी कार्रवाई न होने पर उसने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया।
न्यायिक मजिस्ट्रेट कोर्ट संख्या-20, आजमगढ़ के आदेश पर मुबारकपुर पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया। एफआईआर 3 सितंबर 2026 को दोपहर 1:01 बजे दर्ज की गई है। मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 316(2) के तहत कार्रवाई की गई है।
एफआईआर में सविता देवी, अंकित समेत कुल 10 लोगों को नामजद किया गया है। मामले की विवेचना उपनिरीक्षक धर्मेंद्र शर्मा को सौंपी गई है। पुलिस के अनुसार विवेचना के दौरान आरोपों की सत्यता, बैंक खातों में हुए लेन-देन और वाहन से संबंधित दस्तावेजों की जांच की जाएगी।
