देवारा क्षेत्र में तहसील, इंजीनियरिंग कॉलेज और 100 बेड अस्पताल की मांग, देवारा क्षेत्र की समस्याओं को लेकर जिलाधिकारी को सौंपा ज्ञापन, ग्रामीणों ने कहा- 40 किमी दूर तहसील और 35 किमी दूर जिला मुख्यालय जाने को मजबूर

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आजमगढ़/महराजगंज(सतिराम)। जिले के उत्तरी छोर पर स्थित देवारा क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार की मांग तेज हो गई है। देवारा विकास सेवा समिति की ओर से जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर क्षेत्र में प्रस्तावित तहसील का शीघ्र निर्माण कराने के साथ ही राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज और 100 बेड के अस्पताल की स्थापना कराने की मांग की गई है।
समिति का कहना है कि आजादी के दशकों बाद भी देवारा क्षेत्र के लोग मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं। शिक्षा, चिकित्सा और प्रशासनिक सुविधाओं के लिए ग्रामीणों को लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। ज्ञापन में बताया गया कि देवारा क्षेत्र के लोगों को तहसील संबंधी कार्यों के लिए करीब 40 किलोमीटर दूर तहसील सगड़ी जाना पड़ता है। इससे ग्रामीणों का समय और धन दोनों खर्च होता है तथा बुजुर्गों, महिलाओं और गरीब परिवारों को विशेष परेशानी का सामना करना पड़ता है।
समिति के अनुसार क्षेत्र का जिला मुख्यालय भी करीब 35 किलोमीटर दूर है। गंभीर बीमारी अथवा आकस्मिक स्थिति में लोगों को इलाज के लिए जिला मुख्यालय तक जाना पड़ता है। बरसात और बाढ़ के समय यह दूरी और भी बड़ी समस्या बन जाती है। समय से इलाज नहीं मिलने के कारण कई बार मरीजों की हालत गंभीर होने की बात भी ज्ञापन में कही गई है।
ज्ञापन में देवारा क्षेत्र के परशुरामपुर में प्रस्तावित तहसील का निर्माण शीघ्र कराने की मांग की गई है। समिति का कहना है कि तहसील बनने से क्षेत्र के हजारों ग्रामीणों को करीब 40 किलोमीटर दूर सगड़ी जाने की समस्या से राहत मिलेगी और राजस्व एवं प्रशासनिक कार्य स्थानीय स्तर पर ही हो सकेंगे।
इसके साथ ही देवारा क्षेत्र में राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज स्थापित करने की भी मांग की गई है। समिति ने कहा कि क्षेत्र के प्रतिभावान बच्चों को उच्च तकनीकी शिक्षा के लिए दूसरे क्षेत्रों में जाना पड़ता है। स्थानीय स्तर पर इंजीनियरिंग कॉलेज खुलने से गरीब और ग्रामीण परिवारों के बच्चों को अपने क्षेत्र के आसपास ही उच्च शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।
ज्ञापन में देवारा क्षेत्र में 100 बेड के आधुनिक अस्पताल की स्थापना की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई है। समिति के अनुसार अस्पताल बनने से गंभीर मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधा स्थानीय स्तर पर उपलब्ध हो सकेगी और जिला मुख्यालय जाने की मजबूरी कम होगी।
समिति ने जिलाधिकारी से देवारा क्षेत्र की वर्षों पुरानी समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर लेते हुए जल्द सकारात्मक कार्रवाई की मांग की है। ज्ञापन में कहा गया कि तहसील, राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज और 100 बेड के अस्पताल की स्थापना क्षेत्र के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।
ज्ञापन पर समिति के पदाधिकारियों एवं क्षेत्रीय लोगों के हस्ताक्षर भी मौजूद हैं।

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