
आजमगढ़। सरायमीर थाना क्षेत्र के सदरपुर (शाहपुर) गांव में कुँवर नदी के किनारे खेत में प्रतिबंधित पशुओं के अवशेष मिलने के मामले का पुलिस ने 24 घंटे के भीतर खुलासा करने का दावा किया है। बुधवार देर रात पुलिस की आरोपी से मुठभेड़ हो गई। आत्मरक्षार्थ की गई जवाबी कार्रवाई में आरोपी के बाएं पैर में गोली लगी, जिसके बाद पुलिस ने उसे घायल अवस्था में गिरफ्तार कर जिला अस्पताल में भर्ती कराया।
पुलिस के अनुसार, 8 सितंबर को कुँवर नदी के किनारे खेत में दो प्रतिबंधित पशुओं के अवशेष बरामद हुए थे। पशु चिकित्साधिकारी ने मौके पर पहुंचकर अवशेषों का परीक्षण किया और आवश्यक नमूने सुरक्षित किए। मामले में सरायमीर थाने में गोवध निवारण अधिनियम के तहत अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। घटना के खुलासे और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की तीन टीमें गठित की गई थीं।
पुलिस के मुताबिक, 9 सितंबर की रात मुखबिर से सूचना मिली कि घटना में शामिल कुछ लोग वध में इस्तेमाल किए गए हथियार लेकर सदरपुर से कादनपट्टी की ओर जा रहे हैं। सूचना पर प्रभारी निरीक्षक भुवनेश कुमार चौबे पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और घेराबंदी की। पुलिस को देखकर चार आरोपी भागने लगे। इनमें से तीन आरोपी अंधेरे, खेतों और भौगोलिक स्थिति का फायदा उठाकर फरार हो गए, जबकि एक आरोपी को पुलिस ने घेर लिया।
पुलिस का दावा है कि घिरने के बाद आरोपी ने पुलिस टीम पर जान से मारने की नीयत से फायरिंग कर दी। आत्मसमर्पण की चेतावनी के बावजूद उसने दोबारा फायरिंग का प्रयास किया। इसके बाद पुलिस की जवाबी कार्रवाई में उसके बाएं पैर में गोली लगी और वह घायल होकर गिर पड़ा। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर उपचार के लिए जिला अस्पताल भेज दिया।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान मो. साबिर पुत्र स्व. शकील, निवासी शाहपुर (सदरपुर), थाना सरायमीर, उम्र करीब 28 वर्ष, के रूप में हुई है। पुलिस ने उसके कब्जे और निशानदेही से .315 बोर का देशी तमंचा, एक फायरशुदा खोखा, एक जिंदा कारतूस, गोवंश वध में प्रयुक्त चापड़, दो चाकू और लकड़ी का गोलाकार ठीहा बरामद करने की बात कही है।
पूछताछ में आरोपी ने पुलिस को बताया कि 8 सितंबर को उसने अपने साथियों सैफ पुत्र शमीम, आजम पुत्र इरफान उर्फ पप्पू और असजद पुत्र मोकिम, सभी निवासी शाहपुर (सदरपुर), के साथ मिलकर कुँवर नदी के किनारे खेत में गोवंश वध की घटना को अंजाम दिया था। पुलिस अब फरार तीनों आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।
घटनास्थल से फील्ड यूनिट ने खूनआलूदा और सादी मिट्टी, हैंड स्वाब समेत अन्य फॉरेंसिक साक्ष्य भी संकलित किए हैं। गिरफ्तार आरोपी के खिलाफ गोवध निवारण अधिनियम के मुकदमे के साथ पुलिस मुठभेड़ और शस्त्र अधिनियम की धाराओं में भी अभियोग दर्ज किया गया है।
कार्रवाई करने वाली पुलिस टीम में प्रभारी निरीक्षक भुवनेश कुमार चौबे, उपनिरीक्षक हरिकेश शर्मा, हेड कांस्टेबल विजय तिवारी, हेड कांस्टेबल अम्बुज तिवारी, कांस्टेबल विजय प्रसाद गौड़, रिजर्व कांस्टेबल संदीप जायसवाल और महिला कांस्टेबल अंजू यादव शामिल रहे।
