
आजमगढ़। लकवा ग्रस्त दिव्यांग व्यक्ति को जबरन गाड़ी में बैठाकर अगवा करने, बंधक बनाने और जान से मारने की धमकी देकर उसकी जमीन का बैनामा कराने के मामले में कप्तानगंज पुलिस ने गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की है। इस मामले में गैंगलीडर जयप्रकाश यादव उर्फ गोलई को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के खिलाफ कप्तानगंज थाने में पहले से चार मुकदमे दर्ज हैं।
पुलिस के अनुसार गैंगलीडर जयप्रकाश यादव उर्फ गोलई और उसके साथी गुड्डू यादव ने मिलकर आपराधिक गिरोह बनाया था। आरोप है कि गिरोह के सदस्यों ने लकवा ग्रस्त दिव्यांग विष्णु यादव को जबरन गाड़ी में बैठाया और अपने घर ले जाकर बंधक बना लिया। इसके बाद उसे जान से मारने का भय दिखाकर उसका आधार कार्ड ले लिया गया। आरोपियों ने इसी आधार पर करीब आठ बिस्वा जमीन का बैनामा करा लिया।
इस मामले में थाना कप्तानगंज में पहले मु0अ0सं0 41/2026 के तहत धारा 127(2), 140(1), 351(3), 352 बीएनएस और धारा 138 एनआई एक्ट में मुकदमा दर्ज किया गया था। जांच और अधिकारियों के अनुमोदन के बाद पुलिस ने आरोपियों के संगठित आपराधिक कृत्यों को देखते हुए गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई की। गैंगलीडर जयप्रकाश यादव उर्फ गोलई और गिरोह के सदस्य गुड्डू यादव के खिलाफ कप्तानगंज थाने में मु0अ0सं0 279/2026 के तहत धारा 2(ख)(i)/3(1) उत्तर प्रदेश गिरोहबन्द एवं समाज विरोधी क्रिया-कलाप निवारण अधिनियम-1986 में मुकदमा दर्ज किया गया।
गैंगस्टर एक्ट में वांछित गैंगलीडर की तलाश में पुलिस टीम शुक्रवार को क्षेत्र में भ्रमण कर रही थी। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि जयप्रकाश यादव उर्फ गोलई जेहरा पिपरी मोड़ पर मौजूद है। सूचना मिलते ही वरिष्ठ उपनिरीक्षक गंगाराम बिन्द के नेतृत्व में पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी कर दी। पुलिस को देखकर आरोपी भागने का प्रयास करने लगा, लेकिन पुलिसकर्मियों ने उसे पकड़ लिया।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान जयप्रकाश यादव उर्फ गोलई पुत्र सल्टन यादव, निवासी छाता का पुरा, थाना कप्तानगंज, आजमगढ़ के रूप में हुई है। उसकी उम्र करीब 53 वर्ष बताई गई है। पुलिस ने आरोपी को नियमानुसार गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
पुलिस के अनुसार जयप्रकाश यादव उर्फ गोलई के खिलाफ कप्तानगंज थाने में कुल चार अभियोग दर्ज हैं। इनमें मारपीट, बलवा, गाली-गलौज, धमकी, महिला से अभद्रता, बंधक बनाने और जमीन संबंधी अपराध के साथ गैंगस्टर एक्ट से संबंधित मुकदमे शामिल हैं।
कार्रवाई करने वाली पुलिस टीम में वरिष्ठ उपनिरीक्षक गंगाराम बिन्द, उपनिरीक्षक अमन तिवारी, कांस्टेबल लोकेश पाण्डेय और कांस्टेबल अप्पू कुमार शामिल रहे।
