शादी के नाम पर ठगी करने वाले अंतरजनपदीय गिरोह का पर्दाफाश, सात गिरफ्तार, दुल्हन, पिता, भाई और रिश्तेदार बनकर रचते थे फर्जी शादी का ड्रामा, रुपये-जेवर लेकर हो जाते थे फरार; दो मोटरसाइकिल समेत नगदी और आभूषण बरामद

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आजमगढ़। शादी कराने के नाम पर लोगों को अपने जाल में फंसाकर रुपये, आभूषण और कपड़े ठगने वाले अंतरजनपदीय गिरोह का बरदह पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने गिरोह के सात सदस्यों को गिरफ्तार किया है, जिसमें दो महिलाएं शामिल हैं। गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से 19,650 रुपये नकद, सोने-चांदी के आभूषण, कपड़े, मोबाइल फोन और घटना में प्रयुक्त दो मोटरसाइकिल बरामद की गई हैं। गिरोह के सदस्य शादी के इच्छुक युवकों को निशाना बनाकर महिला को दुल्हन बनाते थे और खुद उसके पिता, भाई व रिश्तेदार बनकर शादी की पूरी रस्म निभाते थे। शादी के बाद रुपये और जेवर लेकर मौका पाकर फरार हो जाते थे।
पुलिस के अनुसार हरदोई जिले के बिलग्राम थाना क्षेत्र के छिबरामऊ गांव निवासी रामबिलाश ने नौ सितंबर को बरदह थाने में तहरीर दी थी। उन्होंने बताया कि उनके पुत्र राजकुमार की शादी कराने के लिए व्हाट्सऐप के माध्यम से एक लड़की का फोटो भेजा गया था। इसके बाद उन्हें शादी के लिए बरदह क्षेत्र स्थित बंधवा महादेव मंदिर बुलाया गया। मंदिर में राजकुमार की उक्त लड़की से शादी कराई गई। शादी के दौरान लड़की को नाक की कील और 80 हजार रुपये नकद दिए गए।
शादी के बाद राजकुमार अपनी नवविवाहिता को लेकर घर लौट रहा था। इसी दौरान बंधवा मोड़ के पास लड़की के कथित पिता, भाई और मनोज नामक व्यक्ति ने वाहन रुकवाकर राजकुमार को नीचे उतार दिया। इसके बाद लड़की और रुपये लेकर सभी आरोपी फरार हो गए। मामले में बरदह थाने में मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू की।
इसी क्रम में शुक्रवार को उपनिरीक्षक मनीष सिंह पुलिस टीम के साथ संदिग्धों की तलाश में जुटे थे। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि घटना में शामिल आरोपी कोदहरा चौराहे पर दो मोटरसाइकिलों के पास एकत्र हैं और कहीं भागने की फिराक में हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने घेराबंदी कर पांच पुरुषों और दो महिलाओं को गिरफ्तार कर लिया। तलाशी के दौरान उनके पास से नगदी, मोबाइल फोन, आभूषण और कपड़े बरामद हुए।
पूछताछ में आरोपियों ने पुलिस को बताया कि वे संगठित तरीके से शादी के नाम पर ठगी करते थे। इसके लिए ऐसे युवकों और परिवारों की तलाश की जाती थी, जिनके यहां शादी नहीं हो पा रही होती थी। इसके बाद गिरोह की महिला सदस्य को दुल्हन बनाकर उसका फोटो भेजा जाता और शादी तय कराई जाती थी। शादी के लिए मंदिर जैसे स्थान को चुना जाता था, जहां गिरोह के दूसरे सदस्य दुल्हन के पिता, भाई और रिश्तेदार बनकर लड़के पक्ष का विश्वास जीतते थे।
शादी के दौरान दुल्हन को दिए जाने वाले रुपये, जेवर और कपड़ों पर गिरोह की नजर रहती थी। शादी की रस्म पूरी होने के बाद रास्ते में लड़के पक्ष को रोककर लड़की को अपने साथ ले लिया जाता था। इसके बाद रुपये और सामान लेकर आरोपी फरार हो जाते थे। इतना ही नहीं, विरोध करने पर उन्हें विवाद और फर्जी मुकदमे में फंसाने की धमकी भी दी जाती थी। बाद में ठगी से हासिल सामान को गिरोह के सदस्य आपस में बांट लेते थे।
पुलिस की पूछताछ में सामने आया कि राजकुमार के साथ हुई घटना में गिरफ्तार महिला ने दुल्हन की भूमिका निभाई थी। बजरंगी बिन्द और बहादुर उर्फ राजू दुल्हन के भाई बने थे, जबकि राजन विश्वकर्मा ने दुल्हन के पिता की भूमिका निभाई थी। रामबिलाश और जय किशन उर्फ अजीत दुल्हन के रिश्तेदार बनकर शादी में शामिल हुए थे।
गिरफ्तार आरोपियों में बजरंगी बिन्द पुत्र नन्दलाल बिन्द निवासी मलहज, थाना शाहगंज, जौनपुर, राजन विश्वकर्मा पुत्र रामचन्दर विश्वकर्मा निवासी रोचनपुर, थाना सराय ख्वाजा, जौनपुर, बहादुर उर्फ राजू पुत्र झूलन राम निवासी जमालपुर, थाना सराय ख्वाजा, जौनपुर, रामबिलाश पुत्र रामनरेश निवासी मलहज, थाना शाहगंज, आजमगढ़, जय किशन उर्फ अजीत पुत्र इन्द्रराज निवासी पाण्डेय उर्फ पुरुषोत्तम, थाना लाइन बाजार, जौनपुर तथा दो महिलाएं शामिल हैं। इनमें एक महिला का नाम पुलिस ने काल्पनिक नाम से दर्ज किया है, जो समोधीपुर, थाना गौरा बादशाहपुर, जौनपुर की निवासी है। दूसरी महिला माधुरी पत्नी रिंकू निवासी जासोपुर, थाना सराय ख्वाजा, जौनपुर की है।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 19,650 रुपये नकद, एक जोड़ी पायल, मंगलसूत्र, एक जोड़ी कान के झुमके, नाक की कील, सिन्दूर की डिब्बी, दो साड़ियां, पैंट-शर्ट का कपड़ा तथा घटना में इस्तेमाल दो मोटरसाइकिल बरामद की हैं।
पुलिस के मुताबिक बजरंगी बिन्द के खिलाफ जौनपुर, देवरिया और आजमगढ़ में ठगी, धोखाधड़ी और गैंगस्टर एक्ट समेत पांच मुकदमे दर्ज हैं। वहीं जय किशन उर्फ अजीत के खिलाफ जौनपुर और आजमगढ़ में चार मुकदमे पंजीकृत हैं।
मामले में बरदह थाने में पहले दर्ज मुकदमे में पुलिस ने धाराओं का विस्तार करते हुए मु0अ0सं0 301/2026 के तहत धारा 319(2), 318(4), 111(2)(II), 317(4), 115(2), 351(3) और 352 बीएनएस के तहत कार्रवाई की है। पुलिस गिरोह से जुड़े अन्य मामलों और सदस्यों के संबंध में भी जानकारी जुटा रही है।

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