
आजमगढ़। पवित्र दुर्वासा धाम स्थित तमसा-मंजूषा नदी के पावन संगम पर रविवार को गंगा समग्र की ओर से विश्व नदी दिवस श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। इस दौरान नदी संरक्षण का संकल्प लेते हुए तमसा नदी को स्वच्छ और अविरल बनाने के लिए जनजागरूकता अभियान चलाने का निर्णय लिया गया।
श्री श्री 108 दुर्वासा महामंडलेश्वर शुभम दास महाराज ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच तमसा-मंजूषा संगम पर विधि-विधान से नदी पूजन कराया। इसके बाद भव्य आरती हुई। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में नदियों को केवल जल का स्रोत नहीं माना गया है, बल्कि उन्हें मां और देवी का दर्जा दिया गया है। नदियों का संरक्षण हमारी सांस्कृतिक और सामाजिक जिम्मेदारी है।
गंगा समग्र आर्यमगढ़ के विभाग संरक्षक सुभाष चंद्र तिवारी कुंदन ने उपस्थित लोगों को नदियों के संरक्षण की शपथ दिलाई। उन्होंने कहा कि नदियां मानव जीवन का आधार हैं। इनके अस्तित्व के बिना जीवन की कल्पना संभव नहीं है। उन्होंने जिला प्रशासन से नदियों की सफाई, संरक्षण और पुनरुद्धार के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की।
गोरक्ष प्रांत के सह-संयोजक अजय कुमार राय ने बताया कि पौराणिक तमसा नदी के संरक्षण और आमजन को जागरूक करने के उद्देश्य से 29 अक्टूबर से दुर्वासा धाम से तमसा बचाओ यात्रा का भव्य शुभारंभ किया जाएगा। उन्होंने लोगों से अपील की कि नदियों में कूड़ा-कचरा और सिंगल यूज प्लास्टिक न डालें तथा नदी और उसके आसपास के प्राकृतिक पर्यावरण को स्वच्छ बनाए रखने में सहयोग करें।
कार्यक्रम का संचालन फूलपुर संयोजक रासबिहारी सिंह ने किया, जबकि सहसंयोजक बलराम तिवारी ने सभी के प्रति आभार जताया।
इस अवसर पर आर्यमगढ़ जिला संयोजक महंत संजय कुमार पांडेय, हाकिम बाबा, दुर्वेश्वरानंद महाराज, ओमप्रकाश यादव, नीरज गिरि, कुलबुल सिंह, श्रीनिवास राय, जयप्रकाश तिवारी, श्रवण कुमार, सुनील राय, सीपी पांडेय, गिरिजानंद गिरि, लालजी गिरि, अनूप पांडेय, संगम पांडेय सहित बड़ी संख्या में पर्यावरण प्रेमी और क्षेत्रीय नागरिक मौजूद रहे।
