आजमगढ़ पुलिस की बड़ी कामयाबी: साइबर ठगों से तीन पीड़ितों के ₹56,559 वापस, ऑनलाइन कंप्यूटर कोर्स, फर्जी निवेश योजना और यूपीआई फ्रॉड के शिकार लोगों को साइबर हेल्पडेस्क ने लौटाई पूरी धनराशि, पुलिस ने लोगों को किया सतर्क

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आजमगढ़। साइबर अपराधों के बढ़ते मामलों के बीच आजमगढ़ पुलिस की साइबर हेल्पडेस्क लगातार पीड़ितों को राहत पहुंचाने का काम कर रही है। मंगलवार को जनपद के फूलपुर, सिधारी और गम्भीरपुर थाना क्षेत्र में साइबर ठगी के तीन अलग-अलग मामलों में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पीड़ितों के कुल ₹56,559 वापस कराए। धनराशि वापस मिलने पर पीड़ितों ने आजमगढ़ पुलिस और साइबर टीम का आभार व्यक्त किया।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार तीनों मामलों में शिकायतकर्ताओं ने समय रहते राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद साइबर हेल्पडेस्क और साइबर सेल की सक्रियता से फ्रॉड की गई रकम को ट्रेस कर वापस कराया गया।
ऑनलाइन कोर्स में एडमिशन का झांसा देकर ठगे गए ₹9,500 वापस
पहले मामले में फूलपुर थाना क्षेत्र के चकजुझारी गांव निवासी विपिन यादव ऑनलाइन कंप्यूटर कोर्स में एडमिशन दिलाने के नाम पर साइबर ठगी का शिकार हो गए थे। 30 मई 2026 को अज्ञात साइबर अपराधी ने उन्हें झांसे में लेकर उनके यूनियन बैंक खाते से ₹9,500 निकाल लिए।
घटना की जानकारी होते ही विपिन यादव ने राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 और राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलने के बाद फूलपुर थाना की साइबर हेल्पडेस्क ने संबंधित बैंक और अन्य एजेंसियों से समन्वय स्थापित किया तथा फ्रॉडस्टर के खाते को फ्रीज कराने की कार्रवाई की। इसके बाद पूरी धनराशि शिकायतकर्ता के खाते में वापस करा दी गई।
फेसबुक निवेश योजना में फंसी महिला को मिले ₹20,059
दूसरे मामले में सिधारी थाना क्षेत्र की एक महिला फेसबुक पर दिखाई गई निवेश योजना के विज्ञापन के झांसे में आ गई। विज्ञापन में कम समय में अधिक लाभ और ब्याज का लालच दिया गया था। महिला ने लिंक पर क्लिक कर निवेश किया, लेकिन बाद में न तो कोई लाभ मिला और न ही निवेश की गई धनराशि वापस हुई।
खुद के साथ ठगी होने का एहसास होने पर महिला ने साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराई। शिकायत संख्या 33103260057804 के आधार पर थाना सिधारी की साइबर हेल्पडेस्क ने साइबर सेल आजमगढ़ के सहयोग से जांच शुरू की। आवश्यक तकनीकी और वैधानिक प्रक्रिया पूरी कर पीड़िता की ₹20,059 की धनराशि उसके बैंक खाते में वापस करा दी गई।
यूपीआई फ्रॉड के शिकार युवक को लौटाए गए ₹27,000
तीसरे मामले में गम्भीरपुर थाना क्षेत्र के मसूदपट्टी गांव निवासी हेमन्त चौहान के यूनियन बैंक खाते से यूपीआई के माध्यम से ₹27,000 की साइबर ठगी कर ली गई थी। घटना के बाद उन्होंने तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराई।
शिकायत मिलने पर थानाध्यक्ष अमित कुमार त्रिपाठी के निर्देशन में साइबर टीम ने जांच शुरू की। एमआरएम (MRM) पोर्टल और अन्य तकनीकी माध्यमों की सहायता से संबंधित खाते को फ्रीज कराया गया और पूरी कानूनी प्रक्रिया पूरी कर पीड़ित की ₹27,000 की सम्पूर्ण धनराशि वापस उसके खाते में जमा करा दी गई।
समय पर शिकायत से बच सकती है रकम
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि साइबर ठगी के मामलों में शुरुआती कुछ घंटे बेहद महत्वपूर्ण होते हैं। यदि पीड़ित तत्काल 1930 हेल्पलाइन या राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दर्ज करा दे तो धनराशि वापस मिलने की संभावना काफी बढ़ जाती है।
पुलिस ने जारी की एडवाइजरी
आजमगढ़ पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी ऑनलाइन कोर्स, नौकरी, निवेश योजना, लॉटरी, कैशबैक ऑफर या सोशल मीडिया पर दिखने वाले आकर्षक विज्ञापनों के झांसे में न आएं। किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक करने से पहले उसकी सत्यता की जांच करें। बैंक खाता संख्या, ओटीपी, यूपीआई पिन, सीवीवी और अन्य गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा न करें।
पुलिस ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति के साथ साइबर धोखाधड़ी होती है तो वह बिना समय गंवाए 1930 हेल्पलाइन पर कॉल करे या राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराए, ताकि समय रहते कार्रवाई कर धनराशि सुरक्षित कराई जा सके।
आजमगढ़ पुलिस की त्वरित कार्रवाई से तीन अलग-अलग साइबर ठगी के मामलों में कुल ₹56,559 की धनराशि पीड़ितों को वापस मिली, जो साइबर अपराध के खिलाफ पुलिस की सक्रियता और प्रभावी कार्यशैली का उदाहरण है।

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