भगवान धन्वंतरि की पूजा के साथ पांच दिवसीय दीपोत्सव का आगाज, बाजारों में उमड़ी खरीदारों की भीड़, धनतेरस पर बर्तन, सोने-चांदी के आभूषण और वाहनों की जमकर हुई खरीदारी

Uncategorized

आजमगढ़। धन त्रयोदशी यानी धनतेरस के साथ शुक्रवार से पांच दिवसीय दीपोत्सव महापर्व का शुभारंभ हो गया। पर्व के अवसर पर शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक बाजारों में रौनक देखने को मिली। सुबह से ही खरीदारी का सिलसिला शुरू हो गया, जो देर शाम तक जारी रहा। बर्तन, सोने-चांदी के आभूषण, इलेक्ट्रॉनिक सामान और दोपहिया व चारपहिया वाहनों की दुकानों पर ग्राहकों की भीड़ उमड़ी रही।


शहर के चौक खत्रीटोला के समीप स्थित डाबर आयुर्वेदिक सेंटर पर भगवान विष्णु के अवतार और आयुर्वेद के जनक भगवान धन्वंतरि की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई। मंत्रोच्चारण के बीच भगवान धन्वंतरि का पूजन कर सुख, शांति, समृद्धि और उत्तम स्वास्थ्य की कामना की गई। वैद्य डॉ. बीएन शुक्ला ने बताया कि शाम छह बजे से त्रयोदशी तिथि लगने के साथ ही धनतेरस पर्व का शुभारंभ हुआ। पूजन कार्यक्रम में अनिल, मोनू, विकास, टीपू सुल्तान सहित अन्य लोग मौजूद रहे।

धनतेरस पर सबसे अधिक रौनक बर्तन की दुकानों पर देखने को मिली। मान्यता के अनुसार इस दिन नए बर्तन और धातु की वस्तुएं खरीदना शुभ माना जाता है। यही वजह रही कि बाजार में जगह-जगह बर्तनों की अस्थायी दुकानें भी सजाई गई थीं। पीतल, तांबा और स्टील के बर्तनों के साथ सोने-चांदी के आभूषणों की भी खूब खरीदारी हुई। वहीं इलेक्ट्रॉनिक दुकानों पर घरेलू उपकरण खरीदने वालों की भीड़ रही। वाहनों के शोरूम पर भी सुबह से ही ग्राहकों का पहुंचना शुरू हो गया था।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार धनतेरस पर भगवान धन्वंतरि, माता लक्ष्मी और भगवान कुबेर की पूजा की जाती है। इस दिन नई वस्तुएं घर लाने से सुख-समृद्धि और आरोग्यता बढ़ने की मान्यता है। झाड़ू को माता लक्ष्मी का प्रतीक मानते हुए इसकी खरीदारी भी की गई। इसके अलावा लक्ष्मी-गणेश की प्रतिमाओं की दुकानों पर भी ग्राहकों की भीड़ जुटी रही।
दीपावली के आगमन के साथ ही पूरा शहर रोशनी और सजावट से जगमगाने लगा है। दुकानों को आकर्षक ढंग से सजाया गया है तो घरों पर विद्युत झालरें लगाई जा रही हैं। नगर पंचायत क्षेत्रों में साफ-सफाई की व्यवस्था भी दुरुस्त की गई है। ग्रामीण इलाकों में भी धनतेरस की धूम रही और लोगों ने अपनी क्षमता के अनुसार जमकर खरीदारी की। बाजारों की चहल-पहल ने दीपोत्सव के उल्लास को और बढ़ा दिया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *