महादेवी हायर सेकेंडरी स्कूल में धूमधाम से मना दीपावली उत्सव, राम दरबार की सजीव झांकी और ‘विकसित भारत 2047’ की रंगोलियों ने मोहा मन

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आजमगढ़। तिवारीपुर, सिधारी स्थित महादेवी हायर सेकेंडरी स्कूल में दीपावली उत्सव हर्षोल्लास और धूमधाम के साथ मनाया गया। इस दौरान राम दरबार की सजीव झांकी, आकर्षक रंगोली, दीप सज्जा और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम को यादगार बना दिया। पूरे विद्यालय परिसर में दीपावली के उल्लास के साथ भारतीय संस्कृति और परंपराओं की मनमोहक छटा देखने को मिली।
कार्यक्रम का शुभारंभ भगवान श्रीराम, लक्ष्मण, माता सीता तथा भगवान गणेश एवं माता लक्ष्मी की भव्य आरती के साथ हुआ। विद्यालय प्रबंधक डीपी मौर्य, प्रधानाचार्य शत्रुघ्न विश्वकर्मा, एकेडमिक डायरेक्टर रामनयन मौर्य एवं कोऑर्डिनेटर आनंद मौर्य ने संयुक्त रूप से आरती की।
इसके बाद छात्र-छात्राओं ने राम दरबार की सजीव झांकी प्रस्तुत की। इसमें भगवान श्रीराम, लक्ष्मण, माता सीता, भरत, शत्रुघ्न तथा गणेश-लक्ष्मी के स्वरूपों की सुंदर प्रस्तुति ने सभी का मन मोह लिया। बच्चों की इस आकर्षक प्रस्तुति की उपस्थित लोगों ने सराहना की।

दीपावली उत्सव के तहत कक्षा एक और दो के बच्चों ने आकर्षक कैंडिल सजाकर अपनी रचनात्मक प्रतिभा दिखाई। वहीं कक्षा तीन से पांच तक के विद्यार्थियों ने मिट्टी के दीयों को विभिन्न रंगों और कलात्मक डिजाइनों से सजाया। कक्षा नौ से 12वीं तक की छात्राओं ने विद्यालय परिसर में आकर्षक रंगोलियां बनाईं। इन रंगोलियों की विशेषता यह रही कि सभी का विषय ‘विकसित भारत 2047’ रखा गया था। रंगों और कलात्मक कल्पनाओं के माध्यम से छात्राओं ने विकसित भारत की परिकल्पना को खूबसूरती से उकेरा। उनकी कलाकृतियां आकर्षण का केंद्र रहीं और लोगों ने अपने कैमरों में इन रंगोलियों को कैद किया।
इस अवसर पर छात्राओं ने ‘आओ राम जी’ गीत प्रस्तुत कर सभी को भावविभोर कर दिया। वहीं एक छात्रा ने दीपावली के महत्व पर पारंपरिक भाषण प्रस्तुत करते हुए भारतीय संस्कृति, श्रद्धा और आपसी सद्भाव का संदेश दिया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विद्यालय प्रबंधक डीपी मौर्य ने कहा कि दीपों की रोशनी, रंगोली और बच्चों के उत्साह से पूरा विद्यालय परिसर जगमगा उठा है। दीपावली केवल दीपों और मिठाइयों का त्योहार नहीं, बल्कि सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक एकता का प्रतीक है। यह पर्व भगवान श्रीराम के 14 वर्षों के वनवास के बाद अयोध्या लौटने और असत्य पर सत्य की विजय का संदेश देता है।
उन्होंने कहा कि शिक्षण संस्थान का दायित्व बच्चों को किताबी ज्ञान के साथ भारतीय संस्कारों और परंपराओं से जोड़ना भी है। दीपावली हमें सिखाती है कि ज्ञान का प्रकाश जीवन से अज्ञान और अंधकार को दूर कर सकता है। उन्होंने सभी से सुरक्षित एवं पर्यावरण अनुकूल दीपावली मनाने, कम से कम पटाखों का प्रयोग करने, मिट्टी के दीये जलाने तथा जरूरतमंदों की खुशियों का ध्यान रखने की अपील की। अंत में उन्होंने सभी को दीपावली की शुभकामनाएं देते हुए सुख, शांति, समृद्धि और उत्तम स्वास्थ्य की कामना की।
कार्यक्रम को सफल बनाने में दिनेश यादव, रामचरण मौर्य, दीपिका सिंह, मीनाक्षी अस्थाना, धीरेंद्र मोहन, शरद गुप्ता, प्रेमा यादव, आदित्य मिश्रा, अजय यादव, राहुल तिवारी, किशन यादव सहित विद्यालय के समस्त शिक्षक-शिक्षिकाओं का सराहनीय योगदान रहा। मंच का संचालन अजय यादव ने किया।
कार्यक्रम का समापन उत्साह, उमंग और दीपावली की शुभकामनाओं के साथ हुआ।

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