‘जागना होगा अपने भारत-बोध के लिए’, हरिऔध कला भवन में गूंजा राष्ट्रचेतना का संदेश, पुष्पेंद्र कुलश्रेष्ठ बोले—भारत की पहचान 1947 से नहीं, हजारों वर्षों की सभ्यता से; रांगेय राघव की रचनाओं में दिखता है राष्ट्रजागरण का स्वर
आजमगढ़, 12 सितंबर। “हमें किसी और को जगाने से पहले स्वयं जागना होगा—अपने भारत, अपनी सभ्यता और अपनी ज्ञान परंपरा के लिए।” वरिष्ठ पत्रकार एवं मुख्य वक्ता पुष्पेंद्र कुलश्रेष्ठ के इस आह्वान के साथ शनिवार को हरिऔध कला भवन राष्ट्रचेतना और भारतीय सांस्कृतिक विरासत के विमर्श का केंद्र बन गया। महाराजा सुहेलदेव विश्वविद्यालय, आजमगढ़ के […]
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