यूजीसी के नियम के खिलाफ सड़क पर निकाला जुलूस, कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन, राष्ट्रपति प्रधानमंत्री को भेजा ज्ञापन, सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद ली राहत की सांस, कहा-सामान्य वर्ग सबसे ज्यादा वर्तमान में शोषण का शिकार

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आजमगढ़ के कलेक्ट्रेट पर गुरुवार को यूजीसी के विवादित नियम को लेकर दिन में जमकर हंगामा हुआ। इस दौरान कलेक्ट्रेट पर डीएम कार्यालय पर नारेबाजी करते जा रहे युवाओं की पुलिस से धक्का मुक्की भी हुई। इसके बाद कलेक्ट्रेट के सामने ही सड़क पर बैठकर जमकर नारेबाजी की गई। जुलूस शहर के चौक स्थित वेस्ली कॉलेज से कलेक्ट्रेट पहुंचा था। सूचना मिलते ही भारी पुलिस बल भी कलेक्ट्रेट पहुंच गया था और विरोध प्रदर्शन कर रहे लोगों की घेराबंदी की गई। बाद में दिन में जब सुप्रीम कोर्ट के नियम को रोकने के संबंध आदेश आया तो लोगों ने राहत की सांस ली। हालांकि इसके पहले आंदोलनकारियों की भीड़ कलेक्ट्रेट से जा चुकी थी। बिना किसी संगठन के आपसी संवाद के जरिए लोगों का जमावड़ा हुआ था। इस दौरान लोगों ने कहा कि वर्तमान में सबसे शोषित समाज जनरल वर्ग है। सामान्य वर्ग को हमेशा 80 20 फ़ीसदी का नाम लेकर दबाया जाता है। अब इसको शिक्षण संस्थानों में भी अमली जामा पहनाने की कोशिश की जा रही। जबकि पहले से जारी नियम में यह था कि अगर कोई गलत आरोप लगाता है तो उस पर भी मुकदमा दर्ज होना चाहिए। लेकिन इसको बदलकर एक तरफा कर दिया गया। एससी एसटी एक्ट का जिस तरीके से इस समय दुरुपयोग हो रहा है, उसी प्रकार से अब हर कॉलेज में यह दिखाई देने लगेगा। जांच कमेटी में भी सभी जाति विशेष के लोग ही रहेंगे। सवर्ण का कोई प्रतिनिधित्व नहीं रहेगा तो भेदभाव होता रहेगा। इसलिए इसको तुरंत वापस लिया जाना चाहिए। जनरल वर्ग रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है, अब वह नहीं रह गया है। खुद ही शोषित वंचित हो गया है। यही आवाज हम प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति को सुनना चाहते हैं।

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