
आजमगढ़ में शनिवार को संयुक्त शिक्षा निदेशक कार्यालय में जमकर हंगामा हुआ। शिक्षक के पुत्र ने डीआईओएस उपेंद्र कुमार पर वेतन भुगतान करने के नाम पर 25 लाख रुपये घूस लेने का आरोप लगाया। साथ ही 17 लाख रुपये और न मिलने पर वेतन अवरुद्ध करने का भी आरोप लगाया। करीब आधे घंटे तक कार्यालय में हंगामा होता रहा। संयुक्त शिक्षा निदेशक ने दोनों पक्षों को समझाते हुए मामले को शांत कराया और जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। अंजुमन इस्लामिया उच्चतर माध्यमिक विद्यालय दौना लालगंज को वर्ष 2002 में सरकारी अनुदान में शामिल किया गया। इस दौरान तीन पुराने शिक्षकों के स्थान पर तीन नए लोगों को शामिल करते हुए नियुक्ति की गई। इसी को लेकर विवाद उत्पन्न हो गया। मामला कोर्ट में पहुंचा तो कोर्ट ने वेतन अवरुद्ध कर दिया। इधर, शिक्षक के पुत्र सौरभ तिवारी और डॉ. प्रिया तिवारी ने बताया कि वर्ष 2016 में कोर्ट से मुकदमा जीत गए। विपक्षी फिर से स्टे लेकर चले आए। वर्ष 2024 में न्यायालय ने फिर से शिक्षकों के पक्ष में फैसला सुनाया। कोर्ट ने फैसला दिया कि वर्ष 2016 में ही इसका फैसला दे दिया गया था शिक्षकों का वेतन भुगतान किया जाए। इसके बाद शिक्षक डीआईओएस उपेंद्र कुमार के पास पहुंचे और भुगतान के लिए प्रार्थना पत्र दिया। आरोप है कि डीआईओएस ने इस पर ध्यान नहीं दिया। इसके बाद जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में तैनात एक कर्मचारी ने उनसे और डीआईओएस के बीच मध्यस्थता की। आरोप है कि उसी के माध्यम से डीआईओएस ने 25 लाख रुपये लेकर भुगतान शुरू किया। डॉ. प्रिया और सौरभ तिवारी ने आरोप लगाया कि एक माह का भुगतान होने के बाद डीआईओएस उपेंद्र कुमार ने 17 लाख रुपये और मांग करते हुए फिर से वेतन रोक दिया। वेतन भुगतान होने का हवाला देते हुए शिक्षक फिर से कोर्ट चले गए। कोर्ट ने फिर से वेतन भुगतान करने के लिए आदेश दे दिया। उपेंद्र कुमार एक माह के लिए अवकाश पर गए। इसी बीच डीआईओएस का प्रभार संभाल रहे वीरेंद्र प्रताप सिंह ने भुगतान शुरू कर दिया। अवकाश से आने के बाद उपेंद्र कुमार फिर से चार्ज संभाल लिए और वेतन अवरुद्ध कर दिया। इससे क्षुब्ध होकर शिक्षक के पुत्र सौरभ तिवारी और डॉ. प्रिया तिवारी संयुक्त शिक्षा निदेशक कार्यालय में पहुंचे तो संयुक्त शिक्षा निदेशक नवल किशोर, डीआईओएस उपेंद्र कुमार और वीरेंद्र प्रताप सिंह मौजूद मिले। शिक्षक के पुत्र सौरभ और डॉ. प्रिया हंगामा शुरू कर दिए। जानकारी होने पर आसपास के लोग भी मौके पर पहुंच और दोनों पक्षों को समझाने में जुट गए। संयुक्त शिक्षा निदेशक आजमगढ़ नवल किशोर ने बताया कि वेतन भुगतान न होने के मामले में शिक्षक के पुत्र और पुत्री यहां आए थे। उन्होंने डीआईओएस पर 25 लाख रुपये घूस लेने का आरोप लगाया है। साथ ही 17 लाख और न देने पर वेतन अवरुद्ध कर देने का भी आरोप लगाया है। पीड़ित पक्ष की शिकायत पर मामले की जांच की जाएगी। जांच में जो भी दोषी मिलेगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
