फेयरवेल कार्यक्रम के साथ छात्रछात्राओं की भावपूर्ण विदाई, प्रधानाचार्य रामदरश यादव एवं शिक्षकों का प्रेरक संबोधन

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आजमगढ़ (सतीराम)। जिले के महाराजगंज विकासखंड अंतर्गत नौबरार देवारा जदीद किता प्रथम में नई बस्ती के पास स्थित स्व. सहदेव स्मारक विद्यालय मे शुक्रवार को कक्षा 10 के छात्र-छात्राओं के सम्मान में गरिमामय एवं भावनात्मक विदाई समारोह का आयोजन किया गया। विद्यालय परिवार ने विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की मंगलकामनाओं के साथ उन्हें स्नेहपूर्वक विदा किया। कार्यक्रम में सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ, स्मृति-चिह्न वितरण तथा प्रेरक उद्बोधन मुख्य आकर्षण रहे।

समारोह का शुभारंभ मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन एवं वंदना के साथ हुआ। इसके पश्चात विद्यार्थियों ने गीत, कविता और सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर वातावरण को भावुक बना दिया। वर्षों की मित्रता, शिक्षा और अनुशासन की स्मृतियाँ उपस्थित सभी जनों की आँखों में झलक रही थीं।
विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री रामदरश यादव ने अपने ओजस्वी, प्रेरणादायक एवं भावुक उद्बोधन में कहा प्रिय विद्यार्थियों, आज का यह क्षण हमारे लिए अत्यंत भावुक है। आप सभी ने इस विद्यालय की गरिमा को सदैव बनाए रखा है। आपकी मुस्कान, आपकी जिज्ञासा और आपकी ऊर्जा इस परिसर की पहचान रही है। हम आपसे विदा लेते हुए उन अनगिनत स्मृतियों को संजो रहे हैं, जो हमने वर्षों में साथ मिलकर रची हैं।

आप जीवन के एक नए अध्याय की ओर अग्रसर हो रहे हैं। याद रखिए, सफलता का मार्ग परिश्रम, अनुशासन और आत्मविश्वास से होकर गुजरता है। जीवन में चाहे जितनी भी ऊँचाइयाँ प्राप्त करें, विनम्रता और संस्कार कभी न छोड़ें। यही आपके व्यक्तित्व की सच्ची पहचान होगी।

अपने माता-पिता के त्याग और शिक्षकों के मार्गदर्शन को सदैव स्मरण रखें। असफलताओं से घबराएँ नहीं, बल्कि उन्हें सीख का अवसर मानें। आप सभी अपने परिवार, समाज और राष्ट्र का नाम रोशन करें—यही हमारी कामना है।

प्रधानाचार्य रामदरश यादव ने विद्यार्थियों को ईमानदारी, कर्तव्यनिष्ठा और नैतिक मूल्यों पर चलने की प्रेरणा देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए आशीर्वाद प्रदान किया।
इस अवसर पर शिक्षकगण ने भी विद्यार्थियों को जीवन के नए पथ पर अग्रसर होने हेतु मार्गदर्शन दिया। शिक्षकों ने कहा—
विद्यालय केवल शिक्षा का केंद्र नहीं, बल्कि संस्कारों का उद्यान है। यहाँ आपने जो सीखा है, वही आपके जीवन की दिशा तय करेगा। समय का सदुपयोग करें, लक्ष्य निर्धारित करें और निरंतर प्रयासरत रहें। जीवन में प्रतिस्पर्धा अवश्य है, परंतु सद्भावना और सहयोग की भावना भी उतनी ही आवश्यक है। अपने माता-पिता का सम्मान करें, समाज के प्रति जिम्मेदार बनें और अपने आचरण से यह सिद्ध करें कि आप इसी विद्यालय के विद्यार्थी रहे हैं।

शिक्षकों ने विद्यार्थियों की उपलब्धियों की सराहना करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की तथा विश्वास व्यक्त किया कि वे अपने कर्म और चरित्र से विद्यालय का नाम ऊँचा करेंगे। कार्यक्रम के अंत में छात्रों ने भी अपने अनुभव साझा करते हुए विद्यालय परिवार के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित की। भावनाओं से भरे इस आयोजन में विदाई के साथ-साथ नए सपनों और संभावनाओं की आशा भी स्पष्ट दिखाई दी। समारोह का समापन मंगलकामनाओं और आशीर्वचनों के साथ हुआ। विद्यालय परिवार ने समस्त विद्यार्थियों के उज्ज्वल, सफल एवं संस्कारित जीवन की कामना करते हुए उन्हें नई उड़ान के लिए शुभाशीष प्रदान किया।

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