दो अलग-अलग मामलों में अदालत का बड़ा फैसला: पिता-पुत्र को 10-10 साल, अपहरण-दुष्कर्म में दो दोषियों को 8-8 साल की सजा

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आजमगढ़। जिले की अदालतों ने बुधवार को दो अलग-अलग आपराधिक मामलों में अहम फैसले सुनाते हुए दोषियों को सख्त सजा दी। एक मामले में गैर इरादतन हत्या के दोषी पिता-पुत्र को 10-10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा दी गई, जबकि दूसरे मामले में नाबालिग किशोरी के अपहरण और दुष्कर्म के दोषी दो आरोपियों को 8-8 वर्ष के सश्रम कारावास से दंडित किया गया।
पहले मामले में अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट नंबर तीन अजय श्रीवास्तव ने हत्या के मुकदमे की सुनवाई पूरी करने के बाद सरायमीर थाना क्षेत्र के शाहपुर निवासी मंगल और उसके पिता विद्यासागर को गैर इरादतन हत्या का दोषी ठहराया। अदालत ने दोनों को 10-10 वर्ष के कठोर कारावास तथा प्रत्येक को 12 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अभियोजन पक्ष के अनुसार, वादी शुभम कुमार के छोटे भाई शिवम कुमार 12 मई 2024 को रानी की सराय थाना क्षेत्र के ग्राम फिरद्दूपुर में एक बारात में शामिल होने गया था। द्वारपूजा के दौरान डीजे पर नाच को लेकर विवाद हुआ, जिसमें मंगल और विद्यासागर ने हॉकी व डंडों से शिवम की पिटाई कर दी। गंभीर रूप से घायल शिवम की 14 मई 2024 को जिला अस्पताल में मौत हो गई। मामले में सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता शिवाश्रय राय, आनंद सिंह और विवेक प्रकाश सिंह ने कुल दस गवाह पेश किए।
वहीं दूसरे मामले में पोक्सो कोर्ट के न्यायाधीश संतोष कुमार यादव ने नाबालिग किशोरी के अपहरण और दुष्कर्म के मामले में आरोपी कमलेश और रवि कुमार को दोषी पाते हुए 8-8 वर्ष के सश्रम कारावास तथा प्रत्येक को 22 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अभियोजन के अनुसार, जीयनपुर थाना क्षेत्र के एक गांव से 12 नवंबर 2014 की रात किशोरी के लापता होने पर पिता ने कमलेश के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई थी। करीब 15 दिन बाद पुलिस ने किशोरी को बरामद किया और जांच में अन्य आरोपियों के नाम सामने आए। मुकदमे के दौरान विशेष लोक अभियोजक अवधेश कुमार मिश्रा और दौलत यादव ने दस गवाह पेश किए। सुनवाई के बाद अदालत ने दोनों आरोपियों को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई।

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