






आजमगढ़। थाना रानी की सराय पुलिस ने विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर लोगों से धोखाधड़ी कर उन्हें मादक पदार्थ तस्करी में फंसाने वाले एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश करते हुए दो वांछित अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने मामले में विधिक कार्रवाई तेज कर दी है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
पुलिस के अनुसार, 14 मार्च 2026 को वादी सुनील यादव निवासी ग्राम श्रीनगर सियरहा थाना बिलरियागंज ने थाना रानी की सराय में तहरीर देकर आरोप लगाया था कि कुछ लोगों द्वारा उन्हें विदेश में नौकरी दिलाने का झांसा देकर धोखाधड़ी की गई और बाद में मादक पदार्थ तस्करी में फंसा दिया गया। इस आधार पर मु0अ0सं0 62/2026 धारा 319(2), 318(4) बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। विवेचना के दौरान संदीप विश्वकर्मा, डॉ. फहीम खाँ, आदिल तथा नसीम आलम उर्फ भोनू के नाम सामने आए, जिसके बाद मुकदमे में धारा 123, 61(2) बीएनएस, 29 एनडीपीएस एक्ट एवं 18/27 ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट की बढ़ोत्तरी की गई।
गिरफ्तारी के क्रम में 12 अप्रैल 2026 को उपनिरीक्षक हैदर अली मंसूरी अपनी टीम के साथ वांछित अभियुक्तों की तलाश में थे। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि मामले से जुड़े आरोपी ग्राम बेलइसा में मौजूद हैं। सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने सुबह करीब 6:20 बजे दबिश देकर दो अभियुक्तों—डॉ. फहीम खाँ पुत्र कमरुद्दीन खान निवासी सरायगंगापब्बी नदवा सराय थाना घोसी जनपद मऊ तथा आदिल पुत्र कमरुद्दीन खान निवासी उपरोक्त—को गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में गिरफ्तार अभियुक्तों ने बताया कि वे संदीप विश्वकर्मा के निर्देश पर नसीम आलम उर्फ भोनू को सामग्री उपलब्ध कराते थे। इसके बाद यह सामग्री शम्भू यादव उर्फ श्याम यादव के माध्यम से विदेश जाने वाले व्यक्तियों को दी जाती थी। इस पूरी प्रक्रिया के जरिए लोगों को झांसे में लेकर सुनियोजित ढंग से मादक पदार्थ तस्करी में फंसाया जाता था। अभियुक्तों ने अपने कृत्य पर खेद जताते हुए न्यायालय में अपना पक्ष रखने की बात कही है।
पुलिस के अनुसार, मामले में अन्य आरोपियों की तलाश जारी है और जल्द ही उन्हें भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा। गिरफ्तारी करने वाली टीम में उपनिरीक्षक हैदर अली मंसूरी, उपनिरीक्षक सूरज तिवारी तथा कांस्टेबल देवेश गौड़ शामिल रहे।
