






आजमगढ़। जनपद में तहसील सदर के अमीन रहे सुरेश उपाध्याय की संदिग्ध मौत का अब तक खुलासा न होने पर परिजनों और कर्मचारियों में भारी आक्रोश व्याप्त है। इस संबंध में मुख्यमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन जिलाधिकारी के माध्यम से भेजा गया है, जिसमें मामले की जल्द जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है।
ज्ञापन में बताया गया है कि कोलबाजबहादुर मोहल्ला निवासी सुरेश उपाध्याय 17 जनवरी 2026 की सुबह करीब 9 बजे अपने घर से ड्यूटी के लिए निकले थे और 10:22 बजे तहसील सदर कार्यालय में सीसीटीवी में उनकी मौजूदगी भी दर्ज हुई। इसके बाद से उनका कोई पता नहीं चला और उनका मोबाइल फोन भी बंद हो गया। तीन दिन बाद 20 जनवरी की शाम करीब 5 बजे उनका शव सिधारी थाना क्षेत्र में एक सरसों के खेत में मिला था, जिससे मामले ने गंभीर रूप ले लिया।
परिजनों का आरोप है कि घटना के तीन महीने बीत जाने के बावजूद पुलिस और प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। केवल विसरा रिपोर्ट का हवाला देकर मामले को टालने की कोशिश की जा रही है, जिससे पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि अब तक न तो घटना का खुलासा हो सका है और न ही किसी आरोपी के खिलाफ कार्रवाई हुई है।
ज्ञापन के माध्यम से चेतावनी दी गई है कि यदि 72 घंटे के भीतर मामले का खुलासा कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं की जाती है, तो परिवारजन अमीन संघ के कर्मचारियों के साथ मिलकर बड़ा धरना-प्रदर्शन करने को बाध्य होंगे। इसकी पूरी जिम्मेदारी जिला प्रशासन और पुलिस विभाग की होगी।
