






आजमगढ़। नगर पालिका स्थित सरस्वती शिशु मंदिर में महाकवि अयोध्या सिंह उपाध्याय ‘हरिऔध’ की 161वीं जयंती समारोह पूर्वक मनाई गई। हरिऔध साहित्य सेवा संस्थान और नेहा एजुकेशनल एंड वेलफेयर सोसाइटी के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में साहित्यकारों, बुद्धिजीवियों और गणमान्य लोगों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि एसडीएम सदर नरेन्द्र कुमार गंगवार एवं विशिष्ट अतिथि पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष इंदिरा देवी जायसवाल द्वारा दीप प्रज्वलन कर किया गया।
इस अवसर पर अपने संबोधन में एसडीएम नरेन्द्र कुमार गंगवार ने कहा कि महाकवि हरिऔध ने खड़ी बोली में प्रथम महाकाव्य ‘प्रिय प्रवास’ की रचना कर न केवल हिंदी साहित्य को समृद्ध किया, बल्कि आजमगढ़ का नाम भी राष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित किया। उन्होंने कहा कि हरिऔध की रचनाएं साहित्य जगत में अद्वितीय स्थान रखती हैं और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए हरिऔध साहित्य सेवा संस्थान के अध्यक्ष पं. सुभाष चन्द्र तिवारी ‘कुन्दन’ ने हरिऔध को महान मानवतावादी और विश्व मैत्री का कवि बताया। उन्होंने कहा कि हरिऔध ने महाकाव्य, नाटक और उपन्यास जैसी विभिन्न विधाओं में उत्कृष्ट रचनाएं देकर हिंदी साहित्य को समृद्ध किया है। ‘कवि सम्राट’ और ‘साहित्य वाचस्पति’ जैसी उपाधियों से सम्मानित हरिऔध के बिना हिंदी साहित्य की कल्पना अधूरी है।
वरिष्ठ साहित्यकार बिंध्यवासिनी प्रसाद श्रीवास्तव ‘अकेला’ ने भी हरिऔध के साहित्यिक योगदान को याद करते हुए कहा कि हिंदी साहित्य में उनकी ख्याति वंदनीय है। कार्यक्रम का संचालन संस्थान के महामंत्री संजय कुमार पाण्डेय ‘सरस’ ने प्रभावी ढंग से किया और अपनी शेरो-शायरी से श्रोताओं का मन मोह लिया। वहीं, प्रसिद्ध शायर ताज आजमी और श्रेया दुबे ने काव्यपाठ कर कार्यक्रम को और भी आकर्षक बना दिया।
कार्यक्रम के संयोजक रवि कुमार जायसवाल ने सभी अतिथियों का स्वागत किया, जबकि मनोज कुमार पांडेय सीए ने आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर अनीता सिंह, संजय सिंह, रमाकांत यादव, अरविंद चित्रांश, राजेश रंजन, नीरज सिंह, सुशील श्रीवास्तव, अमरनाथ गौतम, राजेश श्रीवास्तव, जवाहर पाठक, आत्मा तिवारी, अमरेंद्र राय, आशीष राय, गिरीश सेठ, प्रवीण चौबे, गौतम कुमार, विपिन कुमार, अशोक, विजय कुमार पांडेय, पवन कुमार मिश्रा, ज्ञानेश उपाध्याय सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
