शिक्षा के मुद्दे पर सपा पर बरसे अनिल राजभर, बोले— ‘सपा और शिक्षा की बात, सातवें अजूबे से कम नहीं’, आजमगढ़ से निकली चतुर्थ सूर्य मूर्ति प्राकट्य उत्सव यात्रा: 151 नदियों के पवित्र जल के साथ कुशीनगर तक जाएगा आस्था का कारवां, श्रम मंत्री अनिल राजभर ने दिखाई हरी झंडी

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आजमगढ़ से निकली चतुर्थ सूर्य मूर्ति प्राकट्य उत्सव यात्रा: 151 नदियों के पवित्र जल के साथ कुशीनगर तक जाएगा आस्था का कारवां, श्रम मंत्री अनिल राजभर ने दिखाई हरी झंडी
तमसा-सिलनी संगम से हुआ शुभारंभ, नदी बचाओ और भारतीय संस्कृति संरक्षण का दिया संदेश
आजमगढ़। नदी संरक्षण, जल बचाओ अभियान और भारतीय सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण का संदेश लेकर निकली चतुर्थ सूर्य मूर्ति प्राकट्य उत्सव यात्रा का रविवार को भव्य शुभारंभ आजमगढ़ के तमसा और सिलानी नदी के पावन संगम पर स्थित चंद्रमा ऋषि आश्रम से हुआ। वैदिक मंत्रोच्चार, शंखनाद और धार्मिक अनुष्ठानों के बीच निकली यह यात्रा अब विभिन्न जनपदों से होते हुए 31 जुलाई को कुशीनगर जनपद के तुर्कपट्टी स्थित ऐतिहासिक गुप्तकालीन सूर्य मंदिर पहुंचेगी, जहां भगवान सूर्य का देश-विदेश की 151 नदियों के पवित्र जल से महाभिषेक किया जाएगा।
श्रम मंत्री अनिल राजभर ने किया शुभारंभ, तमसा का जल भरकर किया कलश पूजन
पूर्वांचल महोत्सव समिति के तत्वावधान में आयोजित इस यात्रा का शुभारंभ उत्तर प्रदेश सरकार के श्रम एवं सेवायोजन मंत्री अनिल राजभर ने किया। उन्होंने तमसा नदी से जल भरकर विधिवत कलश पूजन किया, चंद्रमा ऋषि आश्रम परिसर में पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया और हरी झंडी दिखाकर यात्रा को रवाना किया।
उन्होंने कहा कि यह यात्रा केवल धार्मिक आयोजन नहीं बल्कि समाज को जल संरक्षण, नदी स्वच्छता और भारतीय संस्कृति के संरक्षण के प्रति जागरूक करने का एक बड़ा अभियान है। प्रदेश की ऐतिहासिक धरोहरों और धार्मिक स्थलों को जोड़ने वाली यह यात्रा सामाजिक और सांस्कृतिक चेतना का भी संदेश दे रही है।
151 नदियों के पवित्र जल से होगा भगवान सूर्य का महाभिषेक
यात्रा की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें भारत ही नहीं बल्कि देश-विदेश की 151 नदियों के पवित्र जल से भरे कलश शामिल हैं। यात्रा में देश के विभिन्न मठों, मंदिरों और धार्मिक संस्थाओं के आचार्य, संत-महात्मा, विद्वान तथा बड़ी संख्या में श्रद्धालु भी शामिल हुए हैं।
31 जुलाई को जब यह यात्रा कुशीनगर के तुर्कपट्टी स्थित ऐतिहासिक गुप्तकालीन सूर्य मंदिर पहुंचेगी, तब भगवान सूर्य का 151 नदियों के जल से विशेष अभिषेक किया जाएगा और चतुर्थ सूर्य मूर्ति प्राकट्य उत्सव पूरे धार्मिक उल्लास और भव्यता के साथ मनाया जाएगा।
नदी बचाओ, जल बचाओ और संस्कृति बचाओ का दिया संदेश
यात्रा के दौरान विभिन्न स्थानों पर लोगों को नदियों की स्वच्छता, जल संरक्षण, पर्यावरण सुरक्षा और भारतीय सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के लिए प्रेरित किया जाएगा। आयोजकों का कहना है कि आधुनिक समय में जल संकट और नदियों के प्रदूषण को देखते हुए समाज को जागरूक करना बेहद आवश्यक है। यही उद्देश्य लेकर यह यात्रा जन-जन तक पहुंच रही है।
शिक्षा के मुद्दे पर सपा पर बरसे अनिल राजभर, बोले— ‘सपा और शिक्षा की बात, सातवें अजूबे से कम नहीं’
धार्मिक कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे श्रम एवं सेवायोजन मंत्री अनिल राजभर ने राजनीतिक मुद्दों पर भी खुलकर अपनी बात रखी। उन्होंने समाजवादी पार्टी पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि “समाजवादी पार्टी शिक्षा की बात करे, यह दुनिया के सातवें अजूबे से कम नहीं है।”
उन्होंने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी के नेता दिल्ली के जंतर-मंतर पर जाकर आंदोलन को भड़काने की कोशिश कर रहे थे और युवाओं व छात्रों को गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं।
राजभर ने कहा कि “ये लोग सत्ता पाने के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार हैं। इन्हें न देश की चिंता है और न ही छात्रों के भविष्य की। जब इनकी सरकार थी तब शिक्षा व्यवस्था की क्या स्थिति थी, उसके आंकड़े खुद सच्चाई बयान कर देंगे।”
‘संसद छोड़ सड़क पर राजनीति कर रहा विपक्ष’
श्रम मंत्री ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि संसद का सत्र चल रहा है, लेकिन विपक्ष संसद में चर्चा करने के बजाय सड़क पर राजनीति करना चाहता है।
उन्होंने कहा, “ये लोग सदन की बात सड़क पर और सड़क की बात सदन में करना चाहते हैं। अगर लोकतंत्र में विश्वास है तो संसद से बड़ा कोई मंच नहीं हो सकता। संसद से भागकर सड़क पर राजनीति करना विपक्ष की मंशा को साफ करता है।”
‘कुछ ताकतें भारत को नेपाल और बांग्लादेश जैसा बनाना चाहती हैं’
अनिल राजभर ने विपक्ष पर हमला तेज करते हुए कहा कि कुछ शक्तियां देश को अस्थिर करने की साजिश रच रही हैं।
उन्होंने कहा, “कुछ लोग भारत को नेपाल और बांग्लादेश जैसी स्थिति में पहुंचाना चाहते हैं। भारत आज तेजी से दुनिया की अग्रणी अर्थव्यवस्था बन रहा है। ऐसे में भारत विरोधी ताकतें नई-नई साजिशें रच रही हैं और विपक्ष उनका अप्रत्यक्ष रूप से साथ देता दिखाई दे रहा है।”
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को बताया बड़ा संदेश
श्रम मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के निर्देश पर केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा देकर यह संदेश दिया कि सरकार देश के युवाओं और छात्रों को किसी भी भारत विरोधी ताकत के हाथों में नहीं जाने देगी।
उन्होंने कहा कि आज भारत दुनिया की सबसे तेजी से आगे बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है। यदि देश इसी गति से आगे बढ़ता रहा तो आने वाले वर्षों में विश्व की महाशक्तियों के सामने भारत मजबूती से खड़ा होगा। यही कारण है कि भारत विरोधी ताकतें युवाओं को भड़काने और देश में अस्थिरता पैदा करने की कोशिश कर रही हैं।
‘युवाओं को साजिशों से सतर्क रहने की जरूरत’
अपने संबोधन के अंत में श्रम मंत्री ने युवाओं से अपील करते हुए कहा कि उन्हें किसी भी अफवाह या भड़काऊ राजनीति का हिस्सा बनने से बचना चाहिए। उन्होंने कहा कि देश तेजी से विकास के रास्ते पर आगे बढ़ रहा है और युवाओं की ऊर्जा राष्ट्र निर्माण में लगनी चाहिए, न कि ऐसे आंदोलनों में जिनका उद्देश्य केवल राजनीतिक लाभ हासिल करना हो। उन्होंने कहा कि देश के युवाओं को जागरूक रहकर भारत विरोधी साजिशों को समझना होगा और विकास की मुख्यधारा से जुड़कर राष्ट्र को मजबूत बनाने में अपनी भूमिका निभानी होगी।

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