






आजमगढ़। जनपद में महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों पर सख्त रुख अपनाते हुए पुलिस ने अलग-अलग थाना क्षेत्रों में बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इन मामलों में दहेज उत्पीड़न, दुष्कर्म, मारपीट और सोशल मीडिया पर अश्लील फोटो वायरल करने जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं। पुलिस की इस कार्रवाई को महिला सुरक्षा के लिहाज से अहम कदम माना जा रहा है।
पहला मामला थाना मेंहनगर क्षेत्र का है, जहां दहेज उत्पीड़न और सोशल मीडिया पर अश्लील फोटो वायरल करने के आरोपी पति को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पीड़िता ने शिकायत में बताया था कि शादी के बाद ससुराल पक्ष द्वारा लगातार दहेज की मांग को लेकर उसे प्रताड़ित किया जाता था। पहले भी मामला दर्ज हुआ था लेकिन समझौता करा दिया गया था। आरोप है कि बाद में पति गुलाब यादव समेत ससुरालियों ने मारपीट की और पति ने इंस्टाग्राम व फेसबुक पर फर्जी आईडी बनाकर उसकी अश्लील तस्वीरें वायरल कर दीं। इस मामले में पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर 15 अप्रैल को आरोपी गुलाब यादव को उसके गांव मौलिया से गिरफ्तार कर लिया।
दूसरा मामला थाना बरदह क्षेत्र से सामने आया, जहां नाबालिग को बहला-फुसलाकर भगाने और दुष्कर्म के आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार किया। जानकारी के अनुसार 13 मार्च को एक नाबालिग छात्रा परीक्षा देने गई थी और वहीं से लापता हो गई। बाद में पता चला कि अजय बिन्द नामक युवक उसे अपने साथ भगा ले गया है। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए मुकदमा दर्ज किया और 16 अप्रैल को महुजा मोड़ से आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। इस मामले में पॉक्सो एक्ट समेत गंभीर धाराओं में कार्रवाई की गई है।
तीसरा मामला थाना अतरौलिया क्षेत्र का है, जहां शादी का झांसा देकर कई वर्षों तक शारीरिक शोषण करने, मारपीट करने और अश्लील फोटो वायरल करने के आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। पीड़िता के अनुसार आरोपी उमेश चन्द ने शादी का झांसा देकर उसके साथ संबंध बनाए, लेकिन बाद में शादी से मुकर गया। विरोध करने पर उसने मारपीट की और जान से मारने की धमकी दी, साथ ही एडिट कर अश्लील तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल कर दीं। इस मामले में पुलिस ने 16 अप्रैल को गदनपुर अंडरपास से आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
तीनों ही मामलों में संबंधित थानों पर बीएनएस, आईटी एक्ट, दहेज प्रतिषेध अधिनियम और पॉक्सो एक्ट की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि महिलाओं के खिलाफ अपराध करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी और ऐसे मामलों में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
