






आजमगढ़। जनपद में कूटरचना और फर्जी दस्तावेजों के जरिए पासपोर्ट बनवाने के मामले में मुबारकपुर थाना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक वांछित अभियुक्त को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने जन्मतिथि और पते में बदलाव कर अलग-अलग समय पर दो पासपोर्ट बनवा लिए थे, जिससे धोखाधड़ी का मामला सामने आया है।
पुलिस के अनुसार 27 मार्च 2026 को प्राप्त शिकायत के आधार पर जांच की गई, जिसमें खुलासा हुआ कि आरोपी ने वर्ष 2009 में एक पासपोर्ट बनवाया था, जिसकी वैधता समाप्त हो चुकी थी। इसके बाद उसने कूटरचित दस्तावेजों का सहारा लेते हुए वर्ष 2024 में जन्मतिथि और पता बदलकर एक नया पासपोर्ट बनवा लिया। जांच के दौरान दोनों पासपोर्ट के विवरणों में अंतर पाया गया, जिससे साफ हुआ कि आरोपी ने धोखाधड़ी कर सरकारी दस्तावेज हासिल किए हैं।
इस मामले में थाना मुबारकपुर पर मु0अ0सं0 117/2026 के तहत धारा 118(4), 336(2), 338, 340(2) बीएनएस और 12(1) पासपोर्ट अधिनियम में मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू की गई।
विवेचना के क्रम में 16 अप्रैल 2026 को उपनिरीक्षक अनिल कुमार सिंह ने मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई करते हुए सिकन्दरपुर पुलिया के पास से आरोपी अरविन्द पुत्र स्वर्गीय हरिश्चंद को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी वर्तमान में सिकन्दरपुर (थाना मुबारकपुर) का निवासी है, जबकि उसका स्थायी पता हरई इस्माइलपुर थाना जीयनपुर बताया गया है।
गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने आरोपी के पास से एक पासपोर्ट भी बरामद किया, जिसे विधिक प्रक्रिया के तहत सील कर कब्जे में ले लिया गया है। पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि आरोपी ने इस फर्जी पासपोर्ट का इस्तेमाल किन-किन कार्यों में किया है और कहीं इसमें किसी बड़े नेटवर्क की संलिप्तता तो नहीं है।
इस कार्रवाई में उपनिरीक्षक अनिल कुमार सिंह और कांस्टेबल रमाकांत यादव की टीम शामिल रही। पुलिस का कहना है कि फर्जी दस्तावेजों के जरिए सरकारी पहचान पत्र बनवाने वालों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
