






आजमगढ़ में प्राथमिक शिक्षा व्यवस्था को पटरी पर लाने के दावों की पोल उस समय खुल गई, जब जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी राजीव पाठक ने शनिवार को रानी की सराय और मुहम्मदपुर शिक्षा क्षेत्र के विद्यालयों का सघन निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अधिकांश स्कूलों में अव्यवस्था, लापरवाही और शिक्षकों की अनुपस्थिति देखने को मिली।
बीएसए सुबह 8:20 बजे प्राथमिक विद्यालय पंदहा पहुंचे, जहां विद्यालय बंद मिला और ताला लटका हुआ था। इस पर उन्होंने कड़ी नाराजगी जताते हुए संबंधित शिक्षकों से स्पष्टीकरण मांगा। पूर्व माध्यमिक विद्यालय पंदहा में भी प्रार्थना सभा नहीं हुई थी और सहायक अध्यापिका अनुपस्थित मिलीं। इतना ही नहीं, छोटे-छोटे बच्चे झाड़ू लगाते नजर आए, जिस पर बीएसए ने सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी।
प्राथमिक विद्यालय बसहीं के निरीक्षण में भी स्थिति खराब मिली। यहां कई शिक्षकों के हस्ताक्षर कॉलम खाली थे और प्रार्थना सभा आयोजित नहीं की गई थी। विद्यालय की व्यवस्था पूरी तरह अस्त-व्यस्त पाई गई और शिक्षण कार्य की स्थिति भी कमजोर रही।
कम्पोजिट विद्यालय बढ़या में तो 12 में से 6 शिक्षक अनुपस्थित मिले। उपस्थित शिक्षक भी पढ़ाने के बजाय मोबाइल चलाते दिखाई दिए। बीएसए ने सभी अनुपस्थित शिक्षकों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया।
मुहम्मदपुर ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय टेकमलपुर में 4 में से 3 शिक्षक अनुपस्थित पाए गए। वहीं प्राथमिक विद्यालय बहोरापुर में व्यवस्था संतोषजनक मिली। मेंहनगर के प्राथमिक विद्यालय मुस्तफाबाद में भी प्रधानाध्यापक और शिक्षा मित्र अनुपस्थित मिले।
लालगंज क्षेत्र के 7 विद्यालयों का भी निरीक्षण किया गया, जहां बीएसए ने समय से विद्यालय खोलने, प्रार्थना सभा नियमित कराने और कक्षाओं के व्यवस्थित संचालन के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान मिली खामियों पर बीएसए राजीव पाठक ने कड़ी नाराजगी जताते हुए कहा कि लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषी शिक्षकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
