दोहरे हत्याकांड में सात दोषियों को आजीवन कारावास, प्रत्येक पर ₹1.01 लाख जुर्माना, 6 साल पहले हुई थी गोली मार कर हत्या

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आजमगढ़। दोहरे हत्याकांड के एक चर्चित मामले में सुनवाई पूरी होने के बाद अदालत ने सात आरोपियों को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही प्रत्येक आरोपी पर एक लाख एक हजार पांच सौ रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। यह फैसला जिला एवं सत्र न्यायाधीश जय प्रकाश पांडेय ने बुधवार को सुनाया।
अभियोजन पक्ष के अनुसार वादिनी संतरा देवी, निवासी अकबेलपुर नाउपुर थाना देवगांव, 13 अगस्त 2020 को अपने पति हीरालाल उर्फ मिठाई और बेटों विनोद यादव व तेज कुमार यादव के साथ दवा लेने लालगंज बाजार गई थीं। लौटते समय घोड़सहना गांव में फेंकू यादव के घर के सामने आरोपियों ने उनका रास्ता रोक लिया।
बताया गया कि सुरेन्द्र पुत्र फेंकू यादव और प्रदीप उर्फ दिलीप हीरालाल व तेज कुमार को प्रधानी चुनाव के संबंध में बातचीत के बहाने घर के अंदर ले गए, जबकि संतरा देवी और उनका बेटा विनोद बाहर ही खड़े रहे। इसी दौरान अन्य आरोपी—चौकी गांव निवासी लाल बहादुर, अजय, मुसऊपुर रुद्रपुर के उमेश यादव, रणजीत और उसकी मां कमली देवी भी मौके पर पहुंच गए।
बातचीत के दौरान ही प्रदीप उर्फ दिलीप और सुरेन्द्र ने हीरालाल उर्फ मिठाई को गोली मार दी। घटना देख तेज कुमार भागने लगे, लेकिन अन्य आरोपियों ने उन्हें घेर लिया और लाल बहादुर व रणजीत ने गोली मार दी। गोली लगने से दोनों की मौके पर ही मौत हो गई।
मामले की जांच के बाद पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट न्यायालय में दाखिल की। सुनवाई के दौरान एक आरोपी फेंकू यादव की मृत्यु हो गई।
अभियोजन पक्ष की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता प्रियदर्शी पियूष त्रिपाठी, दीपक कुमार मिश्रा और सुधन प्रसाद एडवोकेट ने पैरवी करते हुए कुल आठ गवाहों को न्यायालय में पेश किया। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने प्रदीप उर्फ दिलीप, सुरेन्द्र, लाल बहादुर, उमेश यादव, अजय यादव, रणजीत और कमली देवी को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई।

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