






आजमगढ़। अहरौला थाना क्षेत्र की सीमा से सटे कप्तानगंज थाना अंतर्गत कुसमहरा गांव के सिवान में मंगलवार सुबह कई गोवंशों के कटे हुए अवशेष मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। खेतों की ओर गए ग्रामीणों ने जब जगह-जगह खून, मांस और पशुओं के अवशेष बिखरे देखे तो तत्काल डायल 112 और पुलिस को सूचना दी।
सूचना मिलते ही डायल 112 की टीम के साथ अहरौला थानाध्यक्ष मंतोष कुमार सिंह और उपनिरीक्षक रमेश यादव पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। शुरुआती जांच में घटनास्थल अहरौला और कप्तानगंज थाना क्षेत्र की सीमा पर होने के कारण दोनों थानों की पुलिस के बीच क्षेत्राधिकार को लेकर घंटों माथापच्ची होती रही।
ग्रामीणों की निशानदेही और राजस्व सीमा की जांच के बाद पता चला कि घटनास्थल से करीब 20 मीटर आगे अहरौला थाना क्षेत्र शुरू होता है, जबकि अवशेष कप्तानगंज थाना क्षेत्र के कुसमहरा गांव के सिवान में पड़े मिले। इसके बाद कप्तानगंज पुलिस भी मौके पर पहुंची और थानाध्यक्ष जयप्रकाश ने जांच की कमान संभाली।
ग्रामीणों के अनुसार बदमाशों ने आधा दर्जन से अधिक गोवंशों की बेरहमी से हत्या कर उनका मांस तस्करी के लिए उठा लिया, जबकि अवशेष खेतों और आसपास के इलाके में फेंक दिए गए। घटना स्थल गहजी गांव के पूर्व प्रधान सुरेंद्र सिंह के चक के पास बताया जा रहा है।
घटना की सूचना फैलते ही आसपास के गांवों के बड़ी संख्या में लोग मौके पर जुट गए। ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखने को मिला। कुसमहरा निवासी रणजीत सिंह ने बताया कि मामले की शिकायत मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 पर भी की गई है।
मौके पर पहुंचे जिला पंचायत सदस्य हरिकेश यादव ने कहा कि क्षेत्र में पहली बार इतनी बड़ी घटना सामने आई है। उन्होंने पुलिस प्रशासन से मामले की गंभीरता से जांच कर गोतस्करों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो ग्रामीण आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
इसके बाद कप्तानगंज पुलिस ने पशु चिकित्सकों की टीम बुलाकर अवशेषों का पोस्टमार्टम कराया और उन्हें जमीन में दफन कराया। घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत और आक्रोश का माहौल है। किसानों का कहना है कि सिवान में बड़ी संख्या में छुट्टा गोवंश रहते हैं और यदि प्रशासन ने सख्त कदम नहीं उठाए तो ऐसी घटनाएं दोबारा हो सकती हैं।
