






आजमगढ़। जनपद के कई आयुष्मान आरोग्य मंदिरों की खराब प्रगति रिपोर्ट पर मुख्य चिकित्साधिकारी Dr. N. R. Verma ने कड़ा रुख अपनाया है। टेली कंसल्टेशन, वेलनेस गतिविधियों और दैनिक ओपीडी रिपोर्टिंग में गंभीर लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को चेतावनी जारी की गई है।
सीएमओ ने बताया कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन उत्तर प्रदेश द्वारा वित्तीय वर्ष 2025-26 की चतुर्थ त्रैमासिक समीक्षा में जनपद आजमगढ़ के कई आयुष्मान आरोग्य मंदिरों का प्रदर्शन मानकों के अनुरूप नहीं पाया गया। विशेष रूप से तरवां, पवई, हरैया, अतरौलिया, तहबरपुर, मोहम्मदपुर, मेहनगर एवं बिलरियागंज ब्लॉकों की कई इकाइयों में गंभीर कमियां सामने आई हैं।
रिपोर्ट के अनुसार तरवां ब्लॉक के टिकहरा और बीबीपुर, पवई के मिट्ठूपुर और नरवारी, हरैया के चांदपट्टी एवं देवरा करीयात, तहबरपुर के भोर्रा मकबूलपुर, मोहम्मदपुर ब्लॉक के गम्भीरपुर व मोहम्मदपुर-नगवां तथा बिलरियागंज के मोहिउद्दीनपुर आयुष्मान आरोग्य मंदिरों का प्रदर्शन बेहद कमजोर पाया गया। कई केंद्रों पर वेलनेस गतिविधियों का स्कोर शून्य रहा, जबकि टेली कंसल्टेशन सेवाएं भी अत्यंत कम दर्ज की गईं।
सीएमओ डॉ. वर्मा ने सभी प्रभारी चिकित्सा अधिकारियों को तत्काल समीक्षा कर आवश्यक सुधार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि एक सप्ताह के भीतर प्रगति में सुधार नहीं हुआ तो संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। साथ ही खराब प्रदर्शन करने वाली इकाइयों और जिम्मेदार कर्मियों के नाम सार्वजनिक माध्यमों एवं समाचार पत्रों में जारी किए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि आयुष्मान आरोग्य मंदिरों का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को गुणवत्तापूर्ण और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है। ऐसे में किसी भी प्रकार की लापरवाही या कमजोर मॉनिटरिंग बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
