






आजमगढ़, 11 अप्रैल 2026। जनपद के पौराणिक स्थल चन्द्रमा ऋषि आश्रम को अब ईको-टूरिज्म हब के रूप में विकसित किया जाएगा। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए 5 करोड़ रुपये के प्रस्ताव को शासन ने मंजूरी दे दी है। जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार की पहल पर पर्यटन विभाग द्वारा भेजे गए प्रस्ताव को वित्तीय एवं प्रशासनिक स्वीकृति मिल चुकी है।
परियोजना के तहत आश्रम परिसर में पर्यटकों और श्रद्धालुओं के लिए आधुनिक सुविधाओं का विकास किया जाएगा। इसमें गजीबो, व्यूइंग डेक, ईको कॉटेज, कैफेटेरिया, पर्यटन सूचना केंद्र और भव्य प्रवेश द्वार का निर्माण शामिल है। साथ ही चन्द्रमा ऋषि और महर्षि वाल्मीकि के जीवन पर आधारित म्यूरल वॉल, सोलर लाइटिंग, योग व मेडिटेशन सेंटर, आरती स्थल, बच्चों के लिए प्ले एरिया और आकर्षक पाथवे भी बनाए जाएंगे।
परियोजना की डीपीआर एवीएफ क्रिएटिव कंसल्टेन्सी लिमिटेड द्वारा तैयार की गई है। इसके पूर्ण होने के बाद यह स्थल न सिर्फ धार्मिक बल्कि ईको-टूरिज्म के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित होगा। इससे पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।
जिलाधिकारी ने परियोजना के दूसरे चरण की तैयारी भी शुरू करने के निर्देश दिए हैं। इसके तहत आश्रम परिसर में स्थित तालाब को लोटस पॉन्ड के रूप में विकसित किया जाएगा, जिससे स्थल की प्राकृतिक सुंदरता और बढ़ेगी।
प्रशासन को उम्मीद है कि इस परियोजना के सफल क्रियान्वयन से आजमगढ़ को पर्यटन के नक्शे पर नई पहचान मिलेगी और क्षेत्रीय विकास को गति
