






आजमगढ़। दुर्वासा धाम स्थित मौनी बाबा आश्रम में महंत श्री श्री 108 दुर्वासा महामंडलेश्वर शुभम दास जी महाराज के मार्गदर्शन में 25 मई से चल रहे सात दिवसीय हरिहरात्मक यज्ञ का रविवार को भव्य कार्यक्रम के साथ समापन हुआ। यज्ञाचार्य पं. हरिकेश चौबे के नेतृत्व में विद्वान ब्राह्मणों ने वैदिक विधि-विधान से यज्ञाधीश एवं यज्ञकर्ता शुभम दास जी महाराज के हाथों पूर्णाहुति संपन्न कराई। इस दौरान वैदिक मंत्रोच्चारण तथा देवी-देवताओं के जयघोष से पूरा धाम भक्तिमय वातावरण में डूबा रहा।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मध्य प्रदेश से पधारे योगी रामानंद दास ने कहा कि यज्ञ की आहुति से वातावरण शुद्ध होता है और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। उन्होंने हरिहरात्मक यज्ञ की महत्ता बताते हुए कहा कि आत्मकल्याण ही मानव जीवन का मुख्य उद्देश्य है, इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को अधिक से अधिक समय भगवान की भक्ति में लगाना चाहिए।
वहीं स्वामी रामकृष्ण दास ने कहा कि दुर्वासा धाम महान तपस्वी महर्षि दुर्वासा की तपोभूमि है। बाद में ब्रह्मर्षि मौनी बाबा रामलाल दास जी महाराज की तपस्या ने इस स्थल की महत्ता को और बढ़ाया। उन्होंने संतों की महिमा का वर्णन करते हुए कहा कि संतों के आशीर्वाद से मानव जीवन धन्य हो जाता है।
इस अवसर पर संत सेवा संगठन के अध्यक्ष पं. सुभाष चंद्र तिवारी ‘कुन्दन’, दैवज्ञ दुर्वासा मंडल के मुन्ना बाबा, राममिलन सिंह, लक्ष्मण दुबे, रासबिहारी सिंह (प्रधान), हाकिम बाबा, हरिद्वार सिंह, सुभाष शास्त्री, शिशिर दुबे, कुलबुल सिंह, प्रेमचंद गिरी, कृष्णा पाठक, जनार्दन सिंह, उमेश सिंह, आशुतोष सिंह, प्रदीप यादव, रामकवल तिवारी, नीरज गिरि समेत हजारों श्रद्धालु उपस्थित रहे।
