नशा समाज और राष्ट्र के लिए सबसे बड़ा खतरा, भारत विकास परिषद शाखा के तत्वावधान में चला नशा मुक्ति अभियान

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आजमगढ़। भारत विकास परिषद शाखा आजमगढ़ के तत्वावधान में अटलेश्वर महादेव मंदिर परिसर में मंगलवार को ‘नशा मुक्ति अभियान’ चलाया गया। अभियान के दौरान उपस्थित लोगों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया गया तथा नशामुक्त समाज के निर्माण का संकल्प दिलाया गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रांतीय गतिविधि सह-संयोजक (संस्कार) सीताराम पांडेय ने कहा कि नशा न केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाता है, बल्कि उसके परिवार, समाज और भविष्य को भी प्रभावित करता है। उन्होंने कहा कि नशे की लत इंसान को शारीरिक, मानसिक और आर्थिक रूप से कमजोर बना देती है।
भारत विकास परिषद शाखा के अध्यक्ष डॉ. देवेश दूबे ने कहा कि नशा केवल मानसिक संतुलन को ही नहीं बिगाड़ता, बल्कि समाज में अपराध, हिंसा और सामाजिक विघटन को भी बढ़ावा देता है। उन्होंने युवाओं से नशे से दूर रहने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की अपील की।
गतिविधि संयोजक (संस्कार) रमाकांत वर्मा ने कहा कि “नशा नाश करता है” केवल एक नारा नहीं, बल्कि जीवन की सच्चाई है। नशे के कारण व्यक्ति अपनी आर्थिक स्थिति, स्वास्थ्य और सामाजिक प्रतिष्ठा तीनों को खो देता है।
वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. निरंकार प्रसाद श्रीवास्तव ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि युवा देश का भविष्य हैं। यदि युवा वर्ग नशे की गिरफ्त में आएगा तो राष्ट्र के विकास की गति प्रभावित होगी। इसलिए युवाओं को इस बुरी आदत से दूर रहकर समाज को सही दिशा देने की जिम्मेदारी निभानी चाहिए।
गोविंद दूबे ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि नशा किसी भी समाज और देश के लिए गंभीर चुनौती है। इसके उन्मूलन के लिए सामूहिक प्रयास और जनजागरूकता अत्यंत आवश्यक है।
कार्यक्रम का संचालन शाखा सचिव कौशल कुमार राय ने किया। इस अवसर पर पवन अग्रवाल, संजय श्रीवास्तव, आनंद प्रसाद श्रीवास्तव, प्रधान सुनील मौर्य, ज्ञानेश्वर, सुनील विश्वकर्मा सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
अंत में उपस्थित लोगों ने नशामुक्त समाज के निर्माण हेतु जागरूकता फैलाने तथा स्वयं नशे से दूर रहने का संकल्प लिया।

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