

आजमगढ़। विश्व पर्यावरण दिवस की पूर्व संध्या पर नारी शक्ति संस्थान द्वारा नगर एवं ग्रामीण क्षेत्रों में पर्यावरण जागरूकता अभियान चलाकर 151 पौधों का वितरण किया गया। इस दौरान लोगों को वृक्षारोपण एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करते हुए संदेश दिया गया कि “वृक्ष धरा के आभूषण हैं, जो करते दूर प्रदूषण हैं।”
संस्थान की सचिव डॉ. पूनम तिवारी ने कहा कि वृक्ष पृथ्वी का श्रृंगार हैं और जितनी अधिक हरियाली होगी, आने वाली पीढ़ियां उतनी ही सुरक्षित एवं खुशहाल रहेंगी। उन्होंने लोगों से केवल पौधे लगाने ही नहीं, बल्कि उनके बड़े होने तक संरक्षण और देखभाल करने का भी आह्वान किया। उन्होंने बताया कि नारी शक्ति संस्थान पिछले 16 वर्षों से व्यापक स्तर पर पर्यावरण जागरूकता एवं पौधारोपण अभियान संचालित कर रहा है।
डॉ. तिवारी ने कहा कि लगातार घटती हरियाली के कारण प्रकृति हमें चेतावनी दे रही है। यदि समय रहते पर्यावरण संरक्षण के लिए गंभीर प्रयास नहीं किए गए तो बढ़ता तापमान और अन्य प्राकृतिक आपदाएं मानव जीवन के लिए और अधिक चुनौती बन सकती हैं। उन्होंने कहा कि संतुलित पर्यावरण से ही मौसम अनुकूल रहेंगे और पर्याप्त वर्षा संभव होगी।
अभियान के तहत नगर के भंवरनाथ चौराहा एवं नरौली तिराहा पर आम, अमरूद, आंवला, नीम और नींबू सहित विभिन्न प्रजातियों के पौधों का वितरण किया गया।
संस्थान की अध्यक्ष मंजू उपाध्याय ने कहा कि सभी लोग स्वच्छ एवं स्वस्थ वातावरण की बात तो करते हैं, लेकिन उसके लिए आवश्यक प्रयासों में अक्सर लापरवाही बरतते हैं। उन्होंने कहा कि ग्लोबल वार्मिंग आज पूरे विश्व के लिए चिंता का विषय बनी हुई है, जबकि भारतीय संस्कृति सदियों से वृक्षों और प्रकृति के संरक्षण का संदेश देती रही है। हमें अपनी सांस्कृतिक परंपराओं को पुनः अपनाकर पर्यावरण संरक्षण की दिशा में प्रभावी कदम उठाने होंगे।
पौध वितरण कार्यक्रम में सुधा तिवारी, दीपशिखा पांडेय, पूनम यशपाल सिंह, आभा अग्रवाल, अमिता श्रीवास्तव, अनामिका प्रजापति, सुनीता मौर्य, उमा प्रजापति, ममता शर्मा, चंदा तिवारी, अनामिका राय, अन्नू सिंह, नीतू सौम्य, नीलम अस्थाना एवं अमिता बरनवाल सहित बड़ी संख्या में नारी शक्ति संस्थान की सदस्याएं उपस्थित रहीं।
