
दिशा समिति की बैठक डीएम की गैरमौजूदगी पर हुई निरस्त, सपा ने जताया विरोध; धर्मेंद्र यादव बोले- जनप्रतिनिधियों का अपमान बर्दाश्त नहीं
आजमगढ़। कलेक्ट्रेट सभागार में शुक्रवार को आयोजित दिशा (जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति) की बैठक जिलाधिकारी रविंद्र कुमार की अनुपस्थिति के कारण विवादों में घिर गई। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार आयोजित बैठक में जब जिलाधिकारी उपस्थित नहीं हुए तो जनप्रतिनिधियों ने इसे गंभीरता से लेते हुए कड़ा विरोध दर्ज कराया। अंततः मौजूद सांसदों, विधायकों एवं अन्य जनप्रतिनिधियों ने सामूहिक निर्णय लेते हुए बैठक को निरस्त कर दिया।
बैठक की अध्यक्षता आजमगढ़ सांसद धर्मेंद्र यादव कर रहे थे। इस दौरान लालगंज सांसद दरोगा प्रसाद सरोज, समाजवादी पार्टी के सभी 10 विधायक तथा विभिन्न विभागों से जुड़े जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। जनप्रतिनिधियों ने सवाल उठाया कि जब बैठक का कार्यक्रम पहले से निर्धारित था और अधिकारियों को इसकी जानकारी थी, तब जिलाधिकारी का अनुपस्थित रहना लोकतांत्रिक व्यवस्था और जनप्रतिनिधियों की गरिमा के खिलाफ है।
बैठक निरस्त होने के बाद समाजवादी पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट परिसर स्थित डीएम कार्यालय के बाहर पहुंचकर नारेबाजी की और प्रशासन के रवैये के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। सपा नेताओं का आरोप था कि जानबूझकर जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा की जा रही है।
शाम को कंधरापुर स्थित पीडीए भवन में आयोजित प्रेसवार्ता में सांसद धर्मेंद्र यादव ने पूरे घटनाक्रम पर विस्तार से अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि दिशा समिति की बैठक विकास योजनाओं की समीक्षा के लिए आयोजित की जाती है, जिसमें केंद्र और राज्य सरकार की करोड़ों रुपये की योजनाओं की प्रगति पर चर्चा होती है। ऐसे महत्वपूर्ण मंच पर जिले के सर्वोच्च प्रशासनिक अधिकारी का अनुपस्थित रहना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
धर्मेंद्र यादव ने कहा कि जब सभी जनप्रतिनिधि समय से बैठक में पहुंच गए थे तो जिलाधिकारी की अनुपस्थिति का कोई औचित्य नहीं बनता। उन्होंने आरोप लगाया कि यह सब समाजवादी पार्टी के निर्वाचित जनप्रतिनिधियों को कमतर आंकने और उनकी उपेक्षा करने की एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि कुछ अधिकारी सरकार के चहेते बनने के लिए जनप्रतिनिधियों की अनदेखी कर रहे हैं, लेकिन समाजवादी पार्टी ऐसे रवैये को स्वीकार नहीं करेगी।
उन्होंने कहा, “आजमगढ़ क्रांतिकारियों की धरती है। यहां के लोगों ने अंग्रेजों के सामने कभी घुटने नहीं टेके। ऐसे में जनहित और लोकतांत्रिक अधिकारों की लड़ाई में भी हम पीछे हटने वाले नहीं हैं।”
सांसद ने आरोप लगाया कि पूरे पूर्वांचल में समाजवादी पार्टी का प्रभाव होने के कारण इस क्षेत्र के साथ भेदभावपूर्ण रवैया अपनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में भी पूर्वांचल की उपेक्षा की जा रही है और जनप्रतिनिधियों की बातों को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा।
प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए धर्मेंद्र यादव ने कहा कि पुलिस की एनकाउंटर नीति लगातार विवादों में है। उन्होंने आरोप लगाया कि जहां पीडीए (पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक) समाज की आबादी अधिक है, वहां इस प्रकार की घटनाएं ज्यादा देखने को मिल रही हैं, जिससे लोगों में असंतोष बढ़ रहा है।
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव रामगोपाल यादव की सक्रियता को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य कारणों से उनकी सार्वजनिक गतिविधियां कुछ कम हुई हैं, लेकिन वह पूरी तरह सक्रिय हैं और आने वाले समय में उनकी भूमिका पहले की तरह दिखाई देगी। उन्होंने कहा कि पार्टी में उनके नेतृत्व और योगदान पर सवाल उठाना अनुचित है।
भर्ती परीक्षाओं के मुद्दे पर भाजपा सरकार को घेरते हुए धर्मेंद्र यादव ने कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में लगातार पेपर लीक की घटनाएं सामने आ रही हैं, जिससे लाखों अभ्यर्थियों का भविष्य अधर में लटक गया है। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी की सरकार के दौरान ऐसी घटनाएं नहीं होती थीं और भर्ती प्रक्रियाएं अधिक पारदर्शी तरीके से संचालित होती थीं।
सुभासपा अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर के बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए धर्मेंद्र यादव ने कहा कि उन्हें गंभीरता से लेने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने कहा कि राजभर समय-समय पर अलग-अलग दलों के पक्ष और विपक्ष में बयान देते रहते हैं, इसलिए उनके राजनीतिक बयानों का कोई स्थायी आधार नहीं होता।
प्रेसवार्ता के दौरान समाजवादी पार्टी के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता भी मौजूद रहे। पूरे घटनाक्रम को लेकर जिले की राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं और प्रशासन तथा विपक्ष के बीच टकराव की स्थिति खुलकर सामने आ गई । सपा सांसद धर्मेंद्र यादव की प्रेस वार्ता के दौरान लालगंज सांसद दरोगा प्रसाद सरोज सदर विधायक दुर्गा प्रसाद यादव मुबारकपुर विधायक अखिलेश यादव गोपालपुर विधायक नफीस अहमद सगड़ी विधायक एचएन पटेल समेत अन्य लोग रहे।
