
आजमगढ़। बरदह थाना क्षेत्र के कोदहरा गांव के सिवान में मिट्टी खनन के दौरान कथित रूप से सोने की हसुली मिलने का मामला सामने आया है। हसुली मिलने के बाद उसे आपस में बांट लेने और अन्य लोगों को हिस्सा न मिलने पर विवाद बढ़ गया, जिसके बाद मामला थाने पहुंच गया। सूचना मिलने पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए एक सुनार समेत पांच लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। पुलिस द्वारा हसुली बरामद किए जाने की भी चर्चा है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
जानकारी के अनुसार करीब पांच दिन पहले कोदहरा गांव के सिवान में मिट्टी खनन का कार्य चल रहा था। इसी दौरान जमीन से गले में पहनी जाने वाली एक हसुली मिली। मौके पर मौजूद लोगों ने पहले इसकी जांच कराई, जिसमें उसके सोने का होने की बात सामने आई। इसके बाद ट्रैक्टर चलाना सीख रहे अमित बिंद पुत्र आत्मा बिंद निवासी बरौना पट्टी और ट्रैक्टर चालक लालचंद गौतम निवासी कोदहरा ने कथित रूप से हसुली को अपने कब्जे में लेकर आपस में बांटने का फैसला कर लिया।
बताया जा रहा है कि लालचंद ने हसुली का एक छोटा टुकड़ा बरौना स्थित सुनार संजय सोनी को बेच दिया, जिसके बदले उसे 14 हजार रुपये मिले। वहीं अमित के पिता आत्मा बिंद ने अपने हिस्से को कथित रूप से अपने भाई मिठाई बिंद, निवासी सरायख्वाजा (जौनपुर), के पास सुरक्षित रखने के लिए भेज दिया।
मामले का खुलासा तब हुआ जब एक अन्य ट्रैक्टर चालक मखनचू को इसकी जानकारी मिली। उसने खेत मालिक बबलू खान को पूरी बात बताई। इसके बाद बबलू खान और मखनचू बरदह थाने पहुंचे और मामले की शिकायत की।
शिकायत मिलते ही पुलिस सक्रिय हो गई। पुलिस ने लालचंद से हसुली का एक टुकड़ा बरामद कर लिया तथा अमित, उसके पिता आत्मा बिंद, उसके भाई सूरज, सुनार संजय सोनी और लालचंद को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी। वहीं एक पुलिस टीम जौनपुर के सरायख्वाजा क्षेत्र में मिठाई बिंद की तलाश में भेजी गई है।
स्थानीय लोगों के अनुसार बरामद हसुली की कीमत वर्तमान बाजार मूल्य के अनुसार करीब 40 से 45 लाख रुपये आंकी जा रही है। हालांकि पुलिस ने अभी इसकी वास्तविक कीमत और शुद्धता को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी है।
पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और बरामद वस्तु की सत्यता तथा स्वामित्व के संबंध में आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
