अस्तित्वहीन मदरसे के नाम पर सरकारी अनुदान गबन मामले में वांछित आरोपी गिरफ्तार

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आजमगढ़। अस्तित्वहीन मदरसे के नाम पर शासकीय अनुदान प्राप्त कर सरकारी धन के कथित गबन और कूटरचित अभिलेखों के जरिए धोखाधड़ी करने के मामले में दीदारगंज पुलिस ने एक वांछित आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी लंबे समय से फरार चल रहा था।
पुलिस के अनुसार 19 फरवरी 2025 को राज्य विशेष अपराध अनुसंधान दल (एसआईटी) मुख्यालय लखनऊ के निरीक्षक के.बी.पी. सिंह की तहरीर पर दीदारगंज थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था। जांच में ग्राम पाइन्दापुर, फूलपुर स्थित मदरसा “गफ्फरुल ओलूम” के नाम पर कूटरचित दस्तावेज तैयार कर शासकीय योजनाओं का लाभ लेने और सरकारी धनराशि के गबन का मामला सामने आया था। जांच में यह भी पाया गया कि संबंधित मदरसा अस्तित्व में नहीं था। मामले में मदरसे के प्रबंधक, शिक्षक और मान्यता से जुड़े कुछ अधिकारियों के खिलाफ भी अभियोग पंजीकृत किया गया था।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन में चलाए जा रहे अभियान के तहत दीदारगंज पुलिस वांछित आरोपियों की तलाश में जुटी थी। इसी क्रम में बुधवार सुबह पुलिस ने आजादनगर बाजार से वांछित आरोपी जितेन्द्र सिंह चौहान (39) पुत्र सतीराम चौहान निवासी शेखवलिया थाना दीदारगंज को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस के अनुसार आरोपी के विरुद्ध दर्ज मुकदमे में आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है। इस मामले में थाना दीदारगंज पर मुकदमा संख्या 52/2025 के तहत धारा 409, 420, 467, 468 और 471 आईपीसी में अभियोग पंजीकृत है।
गिरफ्तारी करने वाली टीम में उपनिरीक्षक रामबहादुर यादव, आरक्षी सदानन्द यादव तथा महिला कांस्टेबल पल्लवी वर्मा शामिल रहीं।

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