
आजमगढ़। ऑल इंडिया स्टेशन मास्टर्स एसोसिएशन के आह्वान पर मंगलवार को देशभर में मनाए गए “डिमांड डे” के तहत आजमगढ़ जनपद के रेलवे स्टेशनों पर तैनात स्टेशन मास्टरों ने काला फीता और “डिमांड डे” बैज लगाकर अपनी मांगों के समर्थन में शांतिपूर्ण विरोध दर्ज कराया। विरोध के बावजूद स्टेशन मास्टर पूरे समय ड्यूटी पर मौजूद रहे और ट्रेनों का संचालन सामान्य रूप से जारी रखा।
स्टेशन मास्टरों का कहना है कि रेलवे में बड़ी संख्या में पद रिक्त होने के कारण उन पर लगातार कार्य का दबाव बढ़ता जा रहा है। कर्मचारियों की कमी के चलते उन्हें समय पर विश्राम और अवकाश तक नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने 12 घंटे की ड्यूटी व्यवस्था को अमानवीय बताते हुए इसे समाप्त कर मानवीय कार्य व्यवस्था लागू करने की मांग की।
संगठन ने कहा कि जिन रेलखंडों पर दोहरी और तिहरी लाइन के साथ केंद्रीकृत पैनल प्रणाली लागू है, वहां केवल एक स्टेशन मास्टर के भरोसे परिचालन कराना सुरक्षा की दृष्टि से उचित नहीं है। प्रत्येक शिफ्ट में पर्याप्त संख्या में स्टेशन मास्टरों की तैनाती की जानी चाहिए, ताकि रेल संचालन पूरी तरह सुरक्षित और सुचारु बना रहे।
स्टेशन मास्टरों ने भीषण गर्मी में 45 से 48 डिग्री सेल्सियस तापमान के बीच काम करने की कठिनाइयों का भी जिक्र किया। उन्होंने स्टेशन मास्टर कार्यालयों में एयर कंडीशनर, स्वच्छ शौचालय, अटैच बाथरूम और रेस्ट रूम जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग उठाई।
संगठन ने रेलवे प्रशासन से सभी लंबित और न्यायोचित मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने की अपील की। स्टेशन मास्टरों का कहना है कि वे रेलवे संचालन की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी हैं। यदि उन्हें पर्याप्त संसाधन, सुरक्षित कार्य वातावरण और मानवीय कार्य परिस्थितियां उपलब्ध कराई जाएं तो इससे न केवल कर्मचारियों का मनोबल बढ़ेगा, बल्कि रेल संचालन की सुरक्षा और गुणवत्ता भी और अधिक मजबूत होगी।
