
आजमगढ़। जनपद की रानी की सराय पुलिस ने नौकरी दिलाने के नाम पर फर्जी दस्तावेज तैयार कर करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के तीन और शातिर सदस्यों को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई के साथ ही मामले में अब तक कुल 12 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से फर्जी पुलिस वेरिफिकेशन रिपोर्ट, सरकारी दस्तावेज, मोहरें, मोबाइल फोन, ब्रेजा कार और नकदी समेत बड़ी मात्रा में आपत्तिजनक सामग्री बरामद की है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन में चलाए जा रहे अभियान के तहत अपर पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) चिराग जैन एवं क्षेत्राधिकारी नगर के नेतृत्व में रानी की सराय पुलिस ने मोबाइल लोकेशन के आधार पर आजमगढ़-वाराणसी मुख्य मार्ग स्थित कोटिला कट के पास छापेमारी की। यहां ब्रेजा कार के पास मौजूद तीन संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान बिहार के मधुबनी निवासी लालू उर्फ राकेश कुमार, बलिया के रसड़ा निवासी दिनेश कुमार गुप्ता तथा धर्मेंद्र गुप्ता के रूप में हुई है। तीनों का नाम रानी की सराय थाने में दर्ज मुकदमा संख्या 123/2026 की विवेचना के दौरान सामने आया था।
पुलिस के अनुसार आरोपी खुद को नौकरी दिलाने वाला एजेंट बताकर बेरोजगार युवाओं को सरकारी एवं निजी संस्थानों में नियुक्ति का झांसा देते थे। विश्वास में लेने के बाद उनसे मोटी रकम वसूलते और उनके नाम पर फर्जी पुलिस वेरिफिकेशन रिपोर्ट, आधार कार्ड, पैन कार्ड, जन्म प्रमाणपत्र तथा अन्य सरकारी दस्तावेज तैयार कर नौकरी दिलाने का भरोसा दिलाते थे।
तलाशी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के पास से 4 मोबाइल फोन, 2 एयरटेल सिम, 11 मोहरें, एक इंकपैड, पुलिस वेरिफिकेशन प्रोफार्मा, प्रमाणित फर्जी दस्तावेज, आधार व पैन कार्ड की प्रतियां, जन्म प्रमाणपत्र की प्रतियां, नागालैंड सरकार के प्रोफार्मा, एक ब्रेजा कार, रेलवे पहचान पत्र तथा ₹5,360 नकद बरामद किए हैं।
पुलिस का कहना है कि गिरोह के अन्य सदस्यों और संभावित पीड़ितों की पहचान कर मामले की विस्तृत जांच की जा रही है। आरोपियों के खिलाफ रानी की सराय समेत अन्य थानों में भी धोखाधड़ी और कूटरचना से जुड़े कई मुकदमे दर्ज हैं।
