आजमगढ़ के शैक्षिक परिदृश्य में नई पहल : आजमगढ़ पब्लिक स्कूल में भारत स्काउट्स एवं गाइड्स के तत्वाधान में सीबीएसई स्कूलों के प्रधानाचार्यों का सम्मेलन आयोजित

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आजमगढ़: कोटिला चेक पोस्ट स्थित आजमगढ़ पब्लिक स्कूल आज उस समय शिक्षा, नेतृत्व और राष्ट्र निर्माण के एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में उभरा, जब भारत स्काउट्स एवं गाइड्स, उत्तर प्रदेश, जनपद आजमगढ़ के तत्वावधान में सीबीएसई विद्यालयों में स्काउट एवं गाइड इकाइयों की स्थापना विषय पर प्रधानाचार्यों का एक भव्य एवं उद्देश्यपूर्ण सम्मेलन आयोजित किया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ स्काउट प्रार्थना, दीप प्रज्ज्वलन तथा अतिथियों के सम्मान के साथ हुआ। इसके पश्चात स्काउटिंग की भावना, छात्र व्यक्तित्व विकास, नेतृत्व क्षमता, अनुशासन, सेवा, राष्ट्रभक्ति एवं चरित्र निर्माण पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया।

इस अवसर पर जनपद के विभिन्न प्रतिष्ठित विद्यालयों के प्रधानाचार्यों एवं शिक्षाविदों ने अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई।

विद्यालय के प्रबंधक सीए मोहम्मद नोमान ने अपने संबोधन में कहा कि आज के बदलते समय में केवल पुस्तक आधारित शिक्षा पर्याप्त नहीं है। विद्यार्थियों में सेवा, नेतृत्व, अनुशासन, सामाजिक उत्तरदायित्व और राष्ट्र के प्रति समर्पण की भावना विकसित करना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि भारत स्काउट्स एवं गाइड्स विद्यार्थियों को जिम्मेदार नागरिक बनाने का प्रभावी माध्यम है तथा विद्यालय इस दिशा में हर संभव सहयोग प्रदान करेगा।

विद्यालय की प्रधानाचार्या रूपल पंड्या, जो स्वयं भारत के राष्ट्रपति द्वारा राष्ट्रीय स्तर पर स्काउट्स एवं गाइड्स के लिए राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित हैं, ने कहा कि स्काउटिंग केवल एक गतिविधि नहीं बल्कि जीवन जीने की कला है। यह विद्यार्थियों को आत्मनिर्भर, अनुशासित, साहसी, संवेदनशील और नेतृत्व क्षमता से परिपूर्ण बनाती है। उन्होंने सभी विद्यालयों से इस अभियान को जन-आंदोलन के रूप में आगे बढ़ाने का आह्वान किया।

सिटी कोऑर्डिनेटर सपना मैम ने कहा कि स्काउट एवं गाइड गतिविधियाँ विद्यार्थियों में सहयोग, सेवा भावना, सामाजिक समरसता और नैतिक मूल्यों का विकास करती हैं। उन्होंने विद्यालयों से अधिकाधिक छात्र-छात्राओं को इस आंदोलन से जोड़ने की अपील की।

लीडर ट्रेनर (रोवर) डॉ. शफीउज्ज़मा ने स्काउटिंग की कार्यप्रणाली, प्रशिक्षण व्यवस्था तथा विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में इसकी उपयोगिता पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि स्काउटिंग बच्चों को जीवन की वास्तविक चुनौतियों का सामना करने योग्य बनाती है और उनमें आत्मविश्वास, नेतृत्व तथा टीम भावना विकसित करती है।

भारत स्काउट्स एवं गाइड्स के जिला सचिव सुभाष चंद्र गोंड ने स्काउट संगठन की कार्ययोजना, सदस्यता प्रक्रिया तथा जनपद में इसके विस्तार की रणनीति साझा करते हुए कहा कि प्रत्येक विद्यालय में स्काउट एवं गाइड इकाइयों की स्थापना समय की आवश्यकता है।

एएसओसी (स्काउट्स) शैलेश प्रकाश ने सीबीएसई विद्यालयों में स्काउट इकाइयों के गठन की प्रक्रिया, आवश्यक औपचारिकताओं तथा प्रशिक्षण व्यवस्था की विस्तृत जानकारी प्रदान की। उन्होंने कहा कि यह पहल विद्यार्थियों के समग्र विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध होगी।

डीओसी (स्काउट्स) अवधेश यादव ने अपने उद्बोधन में कहा कि स्काउटिंग का उद्देश्य केवल वर्दी पहनना नहीं, बल्कि सेवा, अनुशासन, नेतृत्व और राष्ट्रहित के मूल्यों को व्यवहार में उतारना है। उन्होंने सभी विद्यालयों से इस अभियान में सक्रिय सहभागिता का आह्वान किया।

कार्यक्रम के दौरान उपस्थित प्रधानाचार्यों एवं शिक्षाविदों ने भी अपने विचार साझा किए तथा स्काउट एवं गाइड इकाइयों के प्रभावी संचालन हेतु महत्वपूर्ण सुझाव प्रस्तुत किए। संवाद एवं प्रश्नोत्तर सत्र में विद्यालयों में स्काउटिंग के व्यापक विस्तार पर सकारात्मक चर्चा हुई।

हमें यह बताते हुए अत्यंत प्रसन्नता हो रही है कि आजमगढ़ पब्लिक स्कूल के छात्र छात्राओं को स्काउट्स और गाइड्स का तृतीय सोपान सफलता पूर्वक पूर्ण करने पर विद्यालय के प्रबंधक महोदय द्वारा सर्टिफिकेट देकर उनका उत्साहवर्धन किया गया। विद्यालय के स्काउट्स और गाइड्स के छात्र एवं छात्राएं अब राज्यपाल महोदय से अवार्ड पाने के लिए प्रयासरत हैं।

कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन एवं राष्ट्रगान के साथ हुआ। इस अवसर पर अंकित पांडेय ट्रेनिंग काउंसलर, सत्येंद्र यादव ट्रेनिंग काउंसलर, मोहमद शाहिद यूनिट लीडर स्काउट्स, ऊज़्मा खान यूनिट लीडर गाइड्स एवं विद्यालय के अन्य कर्मचारीगण उपस्थित थे।

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