






आजमगढ़। जनपद की आशा और आशा संगिनी कार्यकर्ताओं ने वर्ष 2024 से 2025-26 तक के लंबित मानदेय और विभिन्न योजनाओं के बकाया भुगतान को लेकर मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) को ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन में कार्यकर्ताओं ने लंबे समय से लंबित भुगतान को शीघ्र जारी करने की मांग करते हुए कहा कि आर्थिक संकट के कारण उनके परिवारों और बच्चों की शिक्षा-दीक्षा पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
ज्ञापन में कहा गया है कि जनपद के सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर कार्यरत आशा और संगिनी बहनों का कई मदों का भुगतान अब तक लंबित है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं को ईमानदारी और निष्ठा के साथ सफल बनाने के बावजूद समय से भुगतान नहीं किया जा रहा है।
कार्यकर्ताओं ने अपनी प्रमुख मांगों में वर्ष 2024 से अब तक के आभा कार्ड का बकाया भुगतान, जननी सुरक्षा योजना, नसबंदी, टीवीआई भुगतान, एचबीवाईसी प्रशिक्षण, प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना, बीपीएम, बीसीपीएम और डाटा ऑपरेटरों के लंबित भुगतान को शीघ्र जारी करने की मांग उठाई है। इसके साथ ही उन्होंने यह भी मांग की है कि राज्य स्तर से कितना बजट प्राप्त हुआ और उसमें कितना भुगतान किया गया, इसकी पारदर्शी सूची सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर चस्पा कराई जाए।
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि जिलाधिकारी के निर्देश के बावजूद कुछ ब्लॉकों में आशा कार्यकर्ताओं को 6000 रुपये से कम भुगतान किया जा रहा है। कहीं 2000, कहीं 2500 और कहीं 3000 रुपये ही दिए जा रहे हैं, जो कार्यकर्ताओं के साथ अन्याय है। उन्होंने मांग की कि किसी भी प्रकार की कटौती किए बिना पूरा भुगतान सुनिश्चित किया जाए।
संगठन ने यह भी मांग रखी कि प्रत्येक महीने के भुगतान की वरिष्ठ अधिकारियों से जांच कराई जाए तथा हर महीने के तीसरे गुरुवार को संगठन पदाधिकारियों और आशा बहनों के साथ बैठक आयोजित की जाए, ताकि ब्लॉक स्तर की समस्याओं की समीक्षा हो सके और समय रहते उनका समाधान किया जा सके।
ज्ञापन की प्रतिलिपि जिलाधिकारी, स्वास्थ्य मंत्री, मुख्यमंत्री, अपर मुख्य सचिव चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा मीडिया को भी प्रेषित की गई है। संगठन ने उम्मीद जताई है कि प्रशासन उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करते हुए शीघ्र सकारात्मक कार्रवाई करेगा।
