
आजमगढ़। जनपद में ठगी और चोरी की घटनाओं को अंजाम देने वाले अंतरराज्यीय टप्पेबाज गैंग के खिलाफ सिधारी पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। मंगलवार सुबह पुलिस मुठभेड़ में गैंग का सरगना ध्यान सिंह पुलिस की जवाबी फायरिंग में पैर में गोली लगने से घायल हो गया, जबकि उसके चार साथियों को भी मौके से गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस के अनुसार, छतवारा चौराहे पर वाहन चेकिंग के दौरान सूचना मिली थी कि दवा बेचने की आड़ में ठगी करने वाला गैंग मारुति-800 कार से आजमगढ़ की ओर आ रहा है। पुलिस ने खेमऊपुर नहर पुलिया के पास घेराबंदी की तो आरोपी वाहन छोड़कर भागने लगे। इसी दौरान गैंग के सरगना ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। आत्मसमर्पण की चेतावनी के बावजूद फायरिंग जारी रहने पर पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की, जिसमें ध्यान सिंह के दाहिने पैर में गोली लगी।
गिरफ्तार आरोपियों में ध्यान सिंह (मुरादाबाद), छत्रपाल (उधमसिंह नगर), कुलदीप, राजा और सरिता सिंह शामिल हैं। पुलिस ने इनके कब्जे से एक अवैध तमंचा, दो जिंदा कारतूस, एक खोखा, ₹3,000 नकद, आधार कार्ड, विभिन्न दवा कंपनियों के 12 विजिटिंग कार्ड तथा मारुति-800 कार बरामद की है।
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे गांव-शहर में दवा बेचने के बहाने लोगों को यौन रोग व कमजोरी का डर दिखाकर नकली दवाएं ऊंची कीमत पर बेचते थे। साथ ही 2 अगस्त को पवई क्षेत्र में एक दुकान से करीब ₹5,000 चोरी करने की बात भी स्वीकार की है।
मुख्य आरोपी ध्यान सिंह के खिलाफ लखनऊ, सिधारी और पवई थानों में पहले से धोखाधड़ी सहित कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है।
