
लखनऊ/आजमगढ़। विधान परिषद के मानसून सत्र में आजमगढ़ के सदस्य विधान परिषद (एमएलसी) शाह आलम उर्फ गुड्डू जमाली ने सगड़ी और गोपालपुर के देवारा क्षेत्र के गन्ना किसानों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने फसल के गलत मूल्यांकन, सठियांव चीनी मिल में किसानों के कथित शोषण और मेहनगर क्षेत्र की क्षतिग्रस्त सड़क का मुद्दा सदन में रखते हुए सरकार से तत्काल कार्रवाई की मांग की।
एमएलसी ने बताया कि किसानों की गन्ने की फसल अभी अंकुरित अवस्था में है, लेकिन विभागीय अधिकारियों ने बिना फसल विकसित हुए ही उसका सर्वे कर उसे तीसरी श्रेणी में दर्ज कर दिया। उन्होंने इसे किसानों के साथ अन्याय बताते हुए फसल विकसित होने के बाद दोबारा सर्वे कराने की मांग की।
शाह आलम ने सठियांव चीनी मिल में किसानों को हो रही परेशानियों का भी मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि मिल पर किसानों की गाड़ियां लंबी कतारों में खड़ी रहती हैं, समय पर गन्ना पर्चियां नहीं मिलतीं और बिचौलियों के कारण किसानों का शोषण हो रहा है। उन्होंने सरकार से इस व्यवस्था में सुधार की मांग की।
इसके अलावा उन्होंने मेहनगर तहसील के बिंद्राबाजार-खालिसपुर लहबरिया लिंक रोड पर मगही नदी के पास करीब 300 मीटर क्षतिग्रस्त खड़ंजा मार्ग का मामला भी सदन में उठाया। उन्होंने कहा कि जलभराव के कारण सड़क पूरी तरह जर्जर हो चुकी है, जिससे स्कूली बच्चों, गर्भवती महिलाओं, मरीजों और ग्रामीणों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने सड़क के तत्काल नवनिर्माण और उच्चीकरण की मांग की।
एमएलसी शाह आलम ने सदन में किसानों की समस्याओं के समाधान और तटीय क्षेत्र की गन्ना फसलों का पुनः सर्वे कराने की मांग की। इस पर संबंधित मंत्री ने मामले का दोबारा पूर्ण निरीक्षण कराकर आवश्यक कार्रवाई कराने का आश्वासन दिया।
