
आजमगढ़। बाल भिक्षावृत्ति रोकथाम अभियान के तहत आजमगढ़ में एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग (एएचटी) थाना, चाइल्ड हेल्पलाइन, बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी), जीआरपी और आरपीएफ की संयुक्त टीम ने भंवरनाथ मंदिर परिसर एवं आसपास सघन चेकिंग अभियान चलाया। अभियान के दौरान भिक्षावृत्ति करते मिले चार बच्चों का रेस्क्यू किया गया।
रेस्क्यू किए गए बच्चों को चाइल्ड हेल्पलाइन के माध्यम से बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत किया गया। आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद बच्चों को उनके परिजनों के सुपुर्द कर भविष्य में उनसे भिक्षावृत्ति न कराने की सख्त हिदायत दी गई।
अभियान के दौरान टीम ने शहर के विभिन्न सार्वजनिक स्थलों पर जागरूकता अभियान भी चलाया। दुकानदारों और प्रतिष्ठान संचालकों को चेतावनी दी गई कि बच्चों से किसी भी प्रकार का श्रम न कराया जाए, अन्यथा उनके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
टीम ने आमजन को हेल्पलाइन नंबर 1098 (चाइल्ड हेल्पलाइन), 112, 1090, 1930, 108, 1076 और 181 की जानकारी देते हुए अपील की कि यदि कोई बच्चा बाल श्रम, भिक्षावृत्ति या किसी भी प्रकार के शोषण का शिकार दिखाई दे तो तत्काल पुलिस या संबंधित हेल्पलाइन को सूचना दें, ताकि समय पर कार्रवाई की जा सके।
यह अभियान वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन एवं अपर पुलिस अधीक्षक (यातायात)/नोडल अधिकारी, एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग के पर्यवेक्षण में चलाया गया। इसमें एएचटी थाना, चाइल्ड हेल्पलाइन, सीडब्ल्यूसी, जीआरपी, आरपीएफ तथा वन स्टॉप सेंटर के अधिकारियों और कर्मचारियों ने सहभागिता की।
