
आजमगढ़। ऑपरेशन कनविक्शन अभियान के तहत आजमगढ़ पुलिस की गुणवत्तापूर्ण विवेचना, मॉनिटरिंग सेल और अभियोजन की प्रभावी पैरवी के चलते हत्या के करीब नौ साल पुराने मामले में न्यायालय ने दो आरोपियों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास और 50-50 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है।
मामला दीदारगंज थाना क्षेत्र से जुड़ा है। पुलिस के अनुसार, 10 सितंबर 2017 को फूलपुर थाना क्षेत्र के भेड़ियाचक उल्लापुर निवासी राम अवध यादव ने दीदारगंज थाने में तहरीर देकर आरोप लगाया था कि उनके पौत्र ऋषिकांत को रात करीब 10 बजे घर से बुलाकर ले जाया गया और लाठी-डंडे से मारपीट कर उसकी हत्या कर दी गई।
मामले में दिनेश यादव पुत्र रामदेव यादव, लालमन यादव पुत्र स्वर्गीय मुरली यादव, रामलोचन यादव पुत्र अक्षयबर यादव और रामदेव यादव पुत्र अक्षयबर यादव निवासी डिघिया, थाना दीदारगंज के खिलाफ मु0अ0सं0 233/2017, धारा 302, 34 और 120बी भादवि के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था।
पुलिस ने विवेचना पूरी करने के बाद आरोपियों के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। मुकदमे के दौरान अभियोजन की ओर से 11 गवाहों के बयान दर्ज कराए गए।
बुधवार, 12 अगस्त 2026 को ईसी कोर्ट आजमगढ़ ने मामले में सुनवाई पूरी करते हुए दिनेश यादव और लालमन यादव को हत्या का दोषी करार दिया। दोनों दोषियों को आजीवन कारावास तथा 50-50 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया गया।
वहीं, मामले में नामजद रामलोचन यादव की मृत्यु हो चुकी है, जबकि रामदेव यादव को साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त कर दिया गया।
पुलिस ने इस सजा को ऑपरेशन कनविक्शन के तहत प्रभावी विवेचना और अभियोजन पैरवी का परिणाम बताया है।
