
आजमगढ़। 80वें स्वतंत्रता दिवस पर आजमगढ़ मंडलायुक्त विवेक की पहल चर्चा का विषय बनी। शनिवार को आयुक्त कार्यालय में मंडलायुक्त ने खुद ध्वजारोहण करने के बजाय कार्यालय के तीन चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों भूपेंद्र सिंह, फहीम अहमद और सुबाष राम के हाथों तिरंगा फहरवाया। इसके बाद सभी अधिकारियों और कर्मचारियों ने राष्ट्रीय ध्वज को सलामी देते हुए सामूहिक रूप से राष्ट्रगान किया।
ध्वजारोहण के बाद आयुक्त सभागार में आयोजित कार्यक्रम में मंडलायुक्त विवेक ने कहा कि राष्ट्र के विकास और उत्थान के लिए हर व्यक्ति को पूरी मजबूती से अपने दायित्वों का निर्वहन करना होगा। उन्होंने कहा कि हमारा वर्तमान अतीत के प्रति सम्मान और भविष्य की परिकल्पना पर निर्भर करता है। स्वतंत्रता के लिए पूर्वजों द्वारा दी गई कुर्बानियों को याद करते हुए विकसित भारत के निर्माण का संकल्प लेना जरूरी है।
मंडलायुक्त ने व्यक्ति और समाज की तुलना ईंट और इमारत से करते हुए कहा कि ईंट जितनी मजबूत होगी, इमारत उतनी ही मजबूत होगी। इसी तरह राष्ट्र को मजबूत बनाने के लिए प्रत्येक नागरिक को अपनी जिम्मेदारी पूरी मजबूती से निभानी होगी। उन्होंने राजनीतिक, आर्थिक, नैतिक और सामाजिक स्वतंत्रता के महत्व पर भी विस्तार से प्रकाश डाला।
अपर आयुक्त-प्रशासन प्रमोद कुमार पाण्डेय ने स्वतंत्रता संग्राम के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा करते हुए लोगों से अपील की कि हर स्वतंत्रता दिवस पर अपने भीतर की एक बुराई को खत्म करने का संकल्प लें। उन्होंने कहा कि यदि लोग इस संकल्प को ईमानदारी से निभाएं तो आने वाले वर्षों में समाज की कई बुराइयों को समाप्त किया जा सकता है।
कार्यक्रम में मंडलायुक्त के पिता डॉ. अनिल कुमार सिंह, अर्थ एवं संख्याधिकारी डॉ. नीरज श्रीवास्तव के पिता पूर्व प्राचार्य डॉ. नाथशरण लाल, अपर निदेशक अभियोजन बीपी पाण्डेय, प्रशासनिक अधिकारी रामअवध और शासकीय अधिवक्ता ओपी पाण्डेय समेत अन्य लोगों ने भी विचार रखे।
इस दौरान स्थानीय जीजीआईसी की छात्राओं और स्टाफ ने देशभक्ति गीत प्रस्तुत किए। शिक्षिका निशा राय द्वारा खेती-किसानी पर आधारित गीत की प्रस्तुति विशेष रूप से सराही गई। कार्यक्रम का संचालन अभय तिवारी ने किया।
