
आजमगढ़। महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई समेत देश के पश्चिमी हिस्से में गणेश चतुर्थी के महापर्व की धूम शुरू हो गई है। इसी उत्सव की रंगत अब पूर्वांचल के आजमगढ़ में भी दिखाई दे रही है। रोजगार के सिलसिले में वर्षों से आजमगढ़ में रह रहे मराठा समाज के लोगों ने स्थानीय लोगों के सहयोग से गणपति की भव्य प्रतिमा स्थापित कर विधि-विधान से पूजा-अर्चना और आरती की।
गणेश चतुर्थी के अवसर पर प्रतिमा स्थापना के दौरान श्रद्धालुओं में खासा उत्साह नजर आया। पूजन-अर्चन के बाद गणपति बप्पा के जयकारों से वातावरण भक्तिमय हो गया। मराठा समाज के लोगों ने बताया कि महाराष्ट्र से दूर रहने के बावजूद वे हर वर्ष गणेशोत्सव को पूरी श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाते हैं। इस आयोजन में स्थानीय लोगों का भी सहयोग मिलता है।
मराठा समाज के संजय भोसले ने बताया कि इस बार गणपति छह दिन तक विराजमान रहेंगे। छठवें दिन शनिवार को विधि-विधान के साथ गणपति की प्रतिमा का विसर्जन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि सातवें दिन रविवार होने के कारण विसर्जन शनिवार को ही किया जाएगा। इन छह दिनों तक प्रतिदिन गणपति की पूजा-अर्चना और आरती विधि-विधान से होती रहेगी।
गणेश चतुर्थी को लेकर आजमगढ़ शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक उत्साह देखने को मिला। विभिन्न स्थानों पर छोटे-बड़े गणपति पंडाल सजाए गए हैं। श्रद्धालु ढोल-नगाड़ों और जयकारों के बीच गणपति की प्रतिमाओं को स्थापना स्थल तक ले जाते दिखाई दिए। इससे पूरे क्षेत्र में उत्सव और भक्ति का माहौल बना हुआ है।
