स्मार्ट क्लास में डीएम ने बच्चों को पढ़ाया कंप्यूटर का पाठ, जर्जर भवन पर दिए कार्रवाई के निर्देश, उपस्थिति पंजिका किया चेक, 7 सहायक अध्यापक, कर्मचारी अवकाश पर

Uncategorized

आजमगढ़। पीएम श्री कम्पोजिट विद्यालय सिकरौरा में शनिवार को जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार ने औचक निरीक्षण कर शिक्षा और विद्यालयी व्यवस्थाओं की जमीनी हकीकत परखी। डीएम ने बच्चों के बीच पहुंचकर उनसे मध्यान्ह भोजन, पढ़ाई और डिजिटल शिक्षा को लेकर बातचीत की। निरीक्षण के दौरान उन्होंने स्मार्ट क्लास में शिक्षक की भूमिका निभाते हुए बच्चों को कंप्यूटर की बारीकियां समझाईं और डिजिटल शिक्षा के महत्व से अवगत कराया।
निरीक्षण के समय विद्यालय में बच्चे मध्यान्ह भोजन कर रहे थे। जिलाधिकारी ने बच्चों से भोजन की गुणवत्ता और उपलब्धता के बारे में जानकारी ली। बच्चों ने बताया कि उन्हें अच्छा भोजन मिलता है और दोबारा मांगने पर भी भोजन दिया जाता है। इसके बाद डीएम ने रसोईघर का निरीक्षण किया और चावल व दाल की गुणवत्ता परखी। उन्होंने रसोईघर और विद्यालय परिसर में साफ-सफाई बेहतर रखने तथा निर्धारित मेन्यू के अनुसार गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
स्मार्ट क्लास में बच्चों को समझाईं कंप्यूटर की बारीकियां
जिलाधिकारी स्मार्ट क्लास में पहुंचे और कक्षा आठ के विद्यार्थियों हुस्नऐती, मानवी, सुंदरम, राज गुप्ता आदि से संवाद किया। बच्चों ने बताया कि वे कंप्यूटर के माध्यम से एक्सेल, एमएस वर्ड, भूगोल और गणित समेत अन्य विषयों की पढ़ाई करते हैं।
डीएम ने बच्चों को कंप्यूटर की विभिन्न बारीकियां समझाते हुए कहा कि वर्तमान समय में कंप्यूटर और डिजिटल तकनीक का ज्ञान शिक्षा के साथ-साथ रोजगार और प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने विद्यार्थियों को डिजिटल संसाधनों का सकारात्मक और ज्ञानवर्धक उपयोग करने के लिए प्रेरित किया।
छात्रा मानवी ने स्मार्ट टीवी को टच के माध्यम से संचालित कर उसके विभिन्न फंक्शन बताए। इसके बाद उसने स्मार्ट टीवी को वाई-फाई से कनेक्ट कर यू-ट्यूब पर ‘मीना की कहानी’ समेत शैक्षिक सामग्री चलाकर दिखाई। छात्रा की दक्षता देखकर जिलाधिकारी ने कंप्यूटर सीख रहे बच्चों की सराहना की और उन्हें लगातार नई तकनीक सीखने के लिए प्रेरित किया।
जर्जर भवन की समस्या पर तत्काल कार्रवाई
निरीक्षण के दौरान शिक्षिकाओं ने डीएम को बताया कि पुराना भवन निष्प्रयोज्य हो चुका है। कक्षा छह में 63 विद्यार्थी हैं और वैकल्पिक कक्ष में पर्याप्त जगह नहीं होने के कारण बच्चों को पढ़ाई में परेशानी होती है।
मामले को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने बीएसए राजीव पाठक को विद्यालय में नए शिक्षा भवन के निर्माण के लिए शासन को पत्र भेजने के निर्देश दिए। साथ ही निष्प्रयोज्य भवन का नियमानुसार 15 दिनों के भीतर ध्वस्तीकरण सुनिश्चित कराने को कहा, ताकि उपलब्ध भूमि का बेहतर उपयोग हो सके और बच्चों को सुरक्षित व पर्याप्त अध्ययन कक्ष मिल सकें।
विद्यालय में 334 बच्चों का नामांकन
डीएम ने विद्यालय की उपस्थिति पंजिका का भी निरीक्षण किया। प्रधानाध्यापक के अनुसार विद्यालय में कुल 334 छात्र-छात्राएं नामांकित हैं। विद्यालय में 18 सहायक अध्यापक और सात नॉन-टीचिंग स्टाफ कार्यरत हैं, जिनमें से सात कर्मचारी निरीक्षण के समय अवकाश पर पाए गए।
जिलाधिकारी ने शिक्षकों को निर्देश दिया कि बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के साथ उनकी रुचि, प्रतिभा और क्षमता के अनुरूप आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया जाए। उन्होंने कहा कि स्मार्ट क्लास, कंप्यूटर और अन्य डिजिटल संसाधनों का अधिकतम उपयोग कर विद्यार्थियों को भविष्य की जरूरतों के लिए तैयार किया जाना चाहिए।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *