
आजमगढ़। रक्षाबंधन की पूर्व संध्या पर गुरुवार को आजमगढ़ शहर का मुख्य चौक इलाका पूरी तरह त्योहार के रंग में रंगा नजर आया। शाम होते-होते राखी, मिठाई और उपहारों की खरीदारी के लिए बाजार में ऐसा जनसैलाब उमड़ा कि चौक से लेकर आसपास की गलियों तक पैर रखने की जगह तक मुश्किल हो गई। रंग-बिरंगी राखियों से सजे स्टॉल, मिठाइयों की खुशबू और खरीदारी के लिए उमड़ी महिलाओं की भीड़ ने पूरे बाजार को उत्सवी माहौल में बदल दिया।
पिछले कई दिनों से चौक क्षेत्र में राखियों की दुकानें और अस्थायी स्टॉल सज गए थे, लेकिन रक्षाबंधन की पूर्व संध्या पर खरीदारी अपने चरम पर पहुंच गई। बड़ी संख्या में महिलाएं और युवतियां अपने भाइयों की कलाई पर सजाने के लिए पसंदीदा राखी तलाशती नजर आईं। किसी को आकर्षक डिजाइन वाली राखी पसंद आई तो किसी ने भाई की पसंद के हिसाब से राखी खरीदी।
खास बात यह रही कि दुकानदार भी त्योहार से पहले अपना बचा हुआ स्टॉक निकालने के लिए ग्राहकों को लुभाने में जुटे रहे। ग्राहक भी जमकर मोलभाव करते दिखाई दिए। हालांकि राखियों के दाम में बहुत ज्यादा गिरावट देखने को नहीं मिली, लेकिन कुछ दुकानदार ग्राहकों को कीमत में मामूली राहत देते नजर आए।
कुछ दिन पहले तक जिन राखियों के दाम ग्राहकों को काफी अधिक लग रहे थे, उनके लिए लोग दुकानदारों से लगातार भाव कम करने की कोशिश करते दिखे। सामान्य राखियां भी 30 रुपये से कम में मिलना मुश्किल थीं, जबकि आकर्षक और डिजाइनर राखियों की कीमत 50 रुपये से लेकर 200 रुपये और उससे अधिक तक पहुंच गई थी। पूर्व संध्या पर खरीदारी करने पहुंची महिलाओं में बेहतर डिजाइन और कम कीमत वाली राखी को लेकर खासा उत्साह दिखाई दिया।
मिठाई की दुकानों पर भी लगी लंबी कतार
राखी के साथ मिठाई की दुकानों पर भी जबरदस्त भीड़ रही। भाई की कलाई पर राखी बांधने के बाद मुंह मीठा कराने के लिए लोग मिठाइयों की खरीदारी करते नजर आए। चीनी समेत अन्य कच्चे माल की कीमतों में बढ़ोतरी का असर मिठाइयों के दाम पर भी दिखाई दिया, लेकिन त्योहार की खुशी के आगे महंगाई लोगों के उत्साह को कम नहीं कर सकी।
कई दुकानों पर ग्राहक अपनी पसंद की मिठाई लेने के लिए कतार में खड़े रहे। किसी ने पारंपरिक मिठाइयां खरीदीं तो किसी ने भाई-बहन के रिश्ते को खास बनाने के लिए महंगे और आकर्षक पैक भी पसंद किए।
राखी के साथ गिफ्ट और घर सजाने का भी क्रेज
रक्षाबंधन पर इस बार सिर्फ राखी और मिठाई की ही खरीदारी नहीं हुई। बाजार में गिफ्ट आइटम, कपड़े, बेडशीट, सजावटी सामान और घर को सजाने-संवारने की सामग्री खरीदने वालों की भी अच्छी-खासी भीड़ रही। भाई-बहन के रिश्ते को यादगार बनाने के लिए लोग अपनी जेब के हिसाब से उपहार तलाशते दिखाई दिए।
बाजार में त्योहार को लेकर इतना उत्साह था कि देर शाम तक दुकानों पर ग्राहकों की आवाजाही लगातार बनी रही। दुकानदार भी ग्राहकों की पसंद के मुताबिक सामान दिखाने और उन्हें आकर्षित करने में व्यस्त रहे।
जन्माष्टमी की भी दिखी तैयारी
रक्षाबंधन के साथ बाजार में आगामी जन्माष्टमी की तैयारियों की झलक भी देखने को मिली। दुकानों और स्टॉलों पर भगवान श्रीकृष्ण की प्रतिमाएं, झांकी सजाने का सामान और पूजा से जुड़ी सामग्री भी बिक्री के लिए सजी रही। झांकी सजाने वाले लोग कृष्ण की प्रतिमाओं समेत अन्य सजावटी सामान की खरीदारी करते नजर आए।
इससे चौक बाजार में एक साथ दो त्योहारों की रौनक दिखाई दी। एक ओर बहनें भाइयों के लिए राखियां और मिठाइयां खरीद रही थीं, वहीं दूसरी ओर लोग जन्माष्टमी की झांकी के लिए भगवान श्रीकृष्ण की प्रतिमाएं और सजावटी सामान खरीद रहे थे।
चौक पर लगा जाम, पुलिस को करनी पड़ी मशक्कत
त्योहार की खरीदारी के कारण मुख्य चौक और आसपास के मार्गों पर वाहनों का दबाव भी काफी बढ़ गया। दुकानों के बाहर खड़ी मोटरसाइकिलों और सड़क किनारे लगे स्टॉलों के कारण जाम की स्थिति और गंभीर हो गई। कई जगह वाहन रेंगते हुए आगे बढ़ते दिखाई दिए।
जाम को नियंत्रित करने के लिए पुलिसकर्मी भी तैनात रहे। पुलिसकर्मी लगातार लोगों और वाहनों को आगे बढ़ाने की कोशिश करते रहे, लेकिन भीड़ और वाहनों की अधिक संख्या के कारण उन्हें काफी मशक्कत करनी पड़ी। सबसे बड़ी समस्या दोपहिया वाहनों के खड़े होने की जगह को लेकर रही। बाजार क्षेत्र में दुकानें सड़क के बिल्कुल किनारे होने के कारण खरीदारी करने आए लोगों के वाहन सड़क पर ही खड़े होते रहे, जिससे आवागमन प्रभावित हुआ।
कुल मिलाकर रक्षाबंधन की पूर्व संध्या पर आजमगढ़ का चौक बाजार देर शाम तक त्योहार की खुशियों से सराबोर रहा। महंगाई के बावजूद भाई-बहन के पवित्र रिश्ते के पर्व को लेकर लोगों का उत्साह कम नहीं हुआ। राखियों की चमक, मिठाइयों की खुशबू, उपहारों की खरीदारी और बाजार में उमड़ी भीड़ ने साफ कर दिया कि रक्षाबंधन का उल्लास आजमगढ़ में अपने चरम पर है।
